Reported By: Deepak Dwivedi
,Twisha Shrama CBI Investigation Update || AI Generated File
भोपाल: राजधानी के बहुचर्चित ‘त्विशा शर्मा कथित आत्महत्या‘ के मामले को सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिया है। कल सीबीआई ने पहली एफआईआर दर्ज कराई थी। (Twisha Shrama CBI Investigation Update) लेकिन इस बीच जानकारी मिली है कि, इस केस की जाँच के लिए बनी पुलिस की एसआईटी की जाँच में कई तरह की खामियां थी। संभवतः पूर्व में जाँच टीम के इन्वेस्टिगेशन के तरीके से सीबीआई भी नाराज है।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े
यह टीम अब तक केस डायरी तक नहीं कंप्लीट कर पाई थी। उन्होंने मुख्य आरोपी समर्थ का 7 दिन का रिमांड हासिल कर लिया था और उससे तीन दिनों से पूछताछ भी की गई थी, लेकिन इस इंट्रोगेशन में SIT समर्थ से कुछ भी नहीं उगलवा पाई थी। मसलन एसआईटी को यह भी नहीं पता था कि, फरार होने के बाद समर्थ किस जगह पर छिपा था। जाहिर है इससे एसआईटी के कार्यशैली पर भी गंम्भीर सवाल खड़े हो रहें हैं। जबकि त्विशा के परिजनों ने भी इस जाँच प्रगति पर नाराजगी जाहिर की थी।
बता दें कि, सीबीआई ने ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को भोपाल पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि केस को सीबीआई को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। (Twisha Shrama CBI Investigation Update) भोपाल के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अनिल शर्मा ने कहा कि उनकी सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात हुई है और एजेंसी ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पूरी केस फाइल सीबीआई को सौंप दी जाएगी। जांच के तहत सीबीआई की टीम आरोपी समार्थ सिंह के घर भी पहुंची।
गौरतलब हैं कि, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि जांच और सुनवाई में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। सीबीआई ने अब कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर को दोबारा दर्ज कर लिया है और आधिकारिक रूप से जांच अपने हाथ में ले ली है।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची शामिल थे, ने सुनवाई के दौरान कहा था कि समाज में यह धारणा बन रही है कि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो पाएगी। अदालत ने कहा कि आरोपी समार्थ सिंह कानूनी पेशे से जुड़े हैं और उनकी मां पूर्व न्यायिक अधिकारी रह चुकी हैं। (Twisha Shrama CBI Investigation Update) इसी वजह से लोगों के बीच जांच को लेकर सवाल उठ रहे थे। कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति न्याय व्यवस्था की छवि को प्रभावित कर सकती है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित और आरोपी दोनों परिवारों से मीडिया में बयानबाजी नहीं करने को भी कहा है। अदालत का मानना है कि मीडिया में लगातार बयान देने से जांच प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने सभी पक्षों से सहयोग करने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है। अब इस मामले की आगे की जांच सीबीआई करेगी और एजेंसी जल्द अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप से पूर्व मांडविया ने कहा, ओलंपिक में शामिल करने की कोशिश जारी
उप्र: सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दो गिरफ्तार
क्या बीजिंग दुनिया का ‘नया केंद्र’ है? चीन सुर्खियों में बना हुआ है पर उसके प्रभाव भी सीमित
बीजद के पूर्व सांसद देवाशीष सामंतराय भाजपा में शामिल, मोदी के नेतृत्व को सराहा
राष्ट्रपति मुर्मू ने सिक्किम का तीन दिवसीय दौरा शुरू किया, भारत-चीन सीमा जाएंगी
महाराष्ट्र कैबिनेट ने सावंतवाड़ी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मधु दंडवते के नाम पर रखने को मंजूरी दी