आईसीसी ने अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटरों के लिए विकास कार्यक्रम को मंजूरी दी
आईसीसी ने अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटरों के लिए विकास कार्यक्रम को मंजूरी दी
दुबई, 13 जुलाई (भाषा) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटरों के लिए अपने ‘डेवलपमेंट पाथवे प्रोग्राम’ (विकास कार्यक्रम) को जारी रखने की मंजूरी दे दी है और साथ ही 2030 तक टीम को आईसीसी की क्वालीफिकेशन प्रतियोगिताओं में खेलने के काबिल बनाने का लक्ष्य भी तय किया है।
यह फैसला एडिनबर्ग में हुई आईसीसी बोर्ड की वार्षिंक कॉन्फ्रेंस में लिया गया। वहां अफगान महिला शरणार्थी टीम के लिए अगले पांच वर्षों में आईसीसी क्वालीफिकेशन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का खाका तैयार करने के लिए विशेष कार्यबल का भी फिर से गठन किया गया।
आईसीसी ने अपनी स्वतंत्र निदेशक रोज रिवाज और आईसीसी की मुख्य कार्यकारी समिति की सदस्य सारा कीन को भी कार्यबल में शामिल किया है। इस कार्यबल में पहले से ही भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई), क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के प्रतिनिधि शामिल हैं।
आईसीसी की ओर से जारी एक बयान में रिवाज ने कहा, ‘‘कार्यबल को एक स्पष्ट और स्थायी खाका तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह खाका ढांचागत कोचिंग, अच्छे प्रतिस्पर्धी मौकों और सही हाई परफोर्मेंस राह के जरिए अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटरों के लगातार विकास में मदद करेगा।’’
इस कार्यक्रम के तहत खिलाड़ियों को क्रिकेट और स्ट्रेंथ एवं अनुकूलन कोच, फिजियोथेरेपी सहयोग और खेलने के अधिक मौके चरणबद्ध तरीके से मिलते रहेंगे।
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा में रहने वाली खिलाड़ी स्थानीय क्रिकेट ढांचे से जुड़ी रहेंगी। साथ ही टीम विदेशी ट्रेनिंग शिविर और दौरों के लिए भी एकत्रित होती रहेगी जैसा कि पिछले साल भारत और इंग्लैंड में हुआ था।
आईसीसी ने कहा कि 2030 तक क्वालीफिकेशन प्रतियोगिताओं के लिए टीम के विकास में मदद करने के इरादे से सावधानी से चुनी गई विरोधी टीमों के खिलाफ खेलने के मौकों को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।
अफगान महिला शरणार्थी क्रिकेटर नाहिदा सपन ने आईसीसी की इस लंबी अवधि की प्रतिबद्धता का स्वागत किया।
भाषा सुधीर आनन्द
आनन्द

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