सूर्यवंशी लंबे प्रारूप में सफल होता है तो टेस्ट क्रिकेट में नई जान फूंक सकता है: श्रीकांत

सूर्यवंशी लंबे प्रारूप में सफल होता है तो टेस्ट क्रिकेट में नई जान फूंक सकता है: श्रीकांत

सूर्यवंशी लंबे प्रारूप में सफल होता है तो टेस्ट क्रिकेट में नई जान फूंक सकता है: श्रीकांत
Modified Date: June 19, 2026 / 11:56 am IST
Published Date: June 19, 2026 11:56 am IST

(सुमन रे)

चेन्नई, 19 जून (भाषा) भारत के पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा कि अगर युवा स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी सबसे लंबे प्रारूप में अपनी क्षमता के मुताबिक खेलते हैं तो टेस्ट क्रिकेट में नई जान फूंक सकते हैं। उन्होंने साथ ही प्रशंसकों और विशेषज्ञों से इस युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन का बहुत अधिक विश्लेषण नहीं करने की अपील की।

आईपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। इस युवा खिलाड़ी को आयरलैंड और इंग्लैंड के सात मैच के दौरे के लिए चुना गया है। इस दौरे में आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैच खेले जाएंगे जिनकी शुरुआत 26 जून को बेलफास्ट में होगी।

श्रीकांत ने कहा कि 15 साल के इस खिलाड़ी में दर्शकों को आकर्षित करने की अनोखी क्षमता है और उन्हें उम्मीदों का बोझ डाले बिना स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने देना चाहिए।

श्रीकांत ने बृहस्पतिवार को यहां अपने घर पर पीटीआई से कहा, ‘‘वैभव सूर्यवंशी के बारे में मुझे जो बात पसंद है वह यह है कि उसमें रन बनाने और दबदबा बनाने की जबरदस्त इच्छाशक्ति है। साथ ही वह क्रीज पर टिककर भी खेल सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर वह टी20 क्रिकेट से आगे बढ़कर एकदिवसीय और फिर टेस्ट क्रिकेट तक पहुंचता है और अगर वह टेस्ट क्रिकेट में सफल होता है- जो कि वह होगा ही- तो मुझे यकीन है कि आप टेस्ट क्रिकेट में नई जान आते हुए देखेंगे।’’

श्रीकांत ने कहा, ‘‘आज आपको ऐसे ही क्रिकेटर की जरूरत है। लोग सिर्फ सूर्यवंशी को देखने के लिए टीवी चालू करते हैं। मैं भी सूर्यवंशी को देखने के लिए टीवी चालू करता हूं। उसने अपने आस-पास ऐसा ही माहौल बनाया है। और वह वाकई कमाल का खिलाड़ी है।’’

भारत ए के श्रीलंका दौरे पर इस युवा खिलाड़ी के साधारण प्रदर्शन के बाद श्रीकांत ने ‘बहुत अधिक आकलन, समीक्षा और सलाह’ से बचने की सलाह दी।

राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘वैभव, लोग तुम्हारे बारे में क्या कहते हैं इसकी चिंता मत करो, बस अपना स्वाभाविक खेल खेलो।’’

श्रीकांत ने कहा, ‘‘किसी एक श्रृंखला से आप किसी पर फैसला नहीं कर सकते। ऐसा होता रहता है। बेचारा लड़का। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बस उसे समय दो। जल्दबाजी मत करो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह कमाल का खिलाड़ी है। उसमें शानदार शॉट खेलने की काबिलियत और जबरदस्त रिफ्लेक्स हैं। मुझे लगता है कि वह लड़का भारत के भविष्य के लिए बहुत शानदार है।’’

जब श्रीकांत से पूछा गया कि क्या उन्हें सूर्यवंशी और सचिन तेंदुलकर के बीच कोई समानता दिखती है तो उन्होंने किसी भी तरह की तुलना करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘सचिन और सूर्यवंशी की तुलना नहीं करते। सचिन क्रिकेट के भगवान हैं और मुझे लगता है कि यह लड़का वैभव सूर्यवंशी भगवान का बेटा है। इसे ऐसे ही रहने दें। बस सचिन को अलग रहने दें। कोई भी उनके आस-पास भी नहीं पहुंच सकता।’’

श्रीकांत ने कहा कि विराट कोहली को इंग्लैंड में टेस्ट श्रृंखला खेलनी चाहिए थी क्योंकि इस प्रारूप से उन्हें शानदार विदाई मिलनी चाहिए थी।

उन्होंने कहा, ‘‘विराट कोहली एक अलग ही स्तर के खिलाड़ी हैं। उनमें जुनून, आक्रामकता और प्रतिबद्धता है। वह सच में कमाल के हैं… वह भारत के अब तक के सबसे बेहतरीन कप्तानों में से एक रहे हैं, विशेषकर टेस्ट क्रिकेट में। लेकिन उनकी किस्मत ऐसी रही है कि वह आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाए।’’

श्रीकांत ने कहा, ‘‘कोहली को पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला खेलनी चाहिए थी। मुझे लगता है कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट से शानदार विदाई दी जानी चाहिए थी लेकिन दुर्भाग्य से, ऐसा नहीं हुआ। ’’

रोहित शर्मा के बारे में श्रीकांत ने कहा, ‘‘मेरा अब भी मानना ​​है कि वह आज के दौर के दुनिया के सबसे बेहतरीन एकदिवसीय क्रिकेटरों में से एक हैं। दुनिया के सबसे बेहतरीन एकदिवसीय सलामी बल्लेबाजों में से एक।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अगर वह रन बना रहे हैं और पूरी तरह फिट हैं तो उन्हें 2027 का विश्व कप खेलना चाहिए।’’

भाषा सुधीर पंत

पंत


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