बुलावाये, 24 जनवरी (भाषा) कप्तान आयुष म्हात्रे की 27 गेंदों में खेली गई 53 रन की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने शनिवार को यहां अंडर-19 विश्व कप में न्यूजीलैंड को डकवर्थ लुईस पद्धति से सात विकेट से करारी शिकस्त दी।
भारतीय टीम ने हरफनमौला प्रदर्शन करते हुए बारिश से प्रभावित 37-37 ओवर के इस मुकाबले को बेहद आसानी से अपने नाम कर टूर्नामेंट में दबदबा कायम रखा।
न्यूजीलैंड ने 22 रन तक पांच विकेट गंवा दिये थे जिसके बाद बारिश के कारण खेल रोकना पड़ा। मैच दोबारा शुरू होने पर इसे 37-37 ओवर का कर दिया गया। न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में रही और 69 रन पर सात विकेट गंवा बैठी। भारतीय गेंदबाजों के निरंतर प्रहार के चलते टीम 36.2 ओवर में 135 रन पर ढेर हो गई।
भारत ने संशोधित लक्ष्य 130 रन का पीछा करते हुए महज 13.3 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 130 रन बनाकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की और ग्रुप-बी में शीर्ष स्थान हासिल किया।
इससे पहले तेज गेंदबाजों के लिए माकूल परिस्थितियों में टॉस जीतकर भारत ने गेंदबाजी का फैसला किया। आर.एस. अम्ब्रिश (29 रन पर चार विकेट) और हेनिल पटेल (23 रन पर तीन विकेट) ने न्यूजीलैंड को शुरुआती झटके दिये जिससे टीम उबरने में नाकाम रही।
न्यूजीलैंड की ओर से शीर्ष पांच बल्लेबाजों में केवल स्नेहित रेड्डी (10) ही दो अंकों तक पहुंच सके। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने कुछ देर तक संघर्ष जरूर किया, लेकिन न्यूजीलैंड की टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।
जैकब कॉटर (23), कैलम सैमसन (37) और सेल्विन संजय (28) ने अंत में कुछ उपयोगी रन जोड़े, लेकिन वे भारतीय गेंदबाज़ों के सामने अपनी पकड़ नहीं बना सके। भारत की ओर से खिलान पटेल, मोहम्मद इनान और कनिष चौहान ने एक-एक विकेट हासिल किया।
भारत को लक्ष्य का पीछे करते हुए शुरुआती झटका लगा और आरोन जॉर्ज (सात) जल्दी आउट हो गए, लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी (23 गेंदों में 40 रन; दो चौके, तीन छक्के) और कप्तान म्हात्रे ने दूसरे विकेट के लिए 76 रन की मजबूत साझेदारी कर पारी को संभाला।
सूर्यवंशी और म्हात्रे दोनों ने 150 से अधिक के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।
सूर्यवंशी जसकरण संधू की गेंद पर मेसन क्लार्क को कैच देकर अर्धशतक पूरा करने से चूक गये। म्हात्रे ने हालांकि इसके बाद शानदार अर्धशतक पूरा किया। वह 27 गेंदों में 53 रन (दो चौके, छह छक्के) बनाकर सेल्विन की गेंद पर फ्लिन मोरी को कैच थमा बैठे।
इसके बाद विहान मल्होत्रा (नाबाद 17) और वेदांत त्रिवेदी (नाबाद 13) ने 14वें ओवर के मध्य में ही भारत को जीत की दहलीज के पार पहुंचा दिया।
भाषा आनन्द नमिता
नमिता