इंडिया ओपन की सभी कमियां दूर, विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के सफल आयोजन का भरोसा: बीएआई महासचिव

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इंडिया ओपन की सभी कमियां दूर, विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के सफल आयोजन का भरोसा: बीएआई महासचिव

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  • Publish Date - July 18, 2026 / 07:49 PM IST,
    Updated On - July 18, 2026 / 07:49 PM IST

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) के महासचिव संजय मिश्रा ने शनिवार को कहा कि इस साल इंडिया ओपन के दौरान सामने आई सभी समस्याओं को दूर कर दिया गया है और उन्होंने भरोसा जताया कि अगस्त में होने वाली बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप अब तक की सबसे बेहतरीन प्रतियोगिताओं में से एक होगी।

जनवरी में नयी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इंडिया ओपन सुपर 750 के दौरान खिलाड़ियों ने गंभीर वायु प्रदूषण, गंदगी और स्टेडियम के अंदर कबूतरों व बंदरों की मौजूदगी पर कड़ी नाराजगी जताई थी।

मिश्रा ने कहा, ‘‘इंडिया ओपन के दौरान जो भी समस्याएं सामने आई थीं, उन्हें पूरी तरह दूर कर दिया गया है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह विश्व चैंपियनशिप बुनियादी सुविधाओं और खिलाड़ियों के अनुभव, दोनों ही मामलों में बेहतरीन होगी। ’’

उन्होंने कहा कि इंडिया ओपन उनके लिए एक परीक्षण प्रतियोगिता थी, जिससे स्टेडियम की कमियों का पता चला। भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और खेल मंत्रालय ने इन कमियों को दूर करने में पूरा सहयोग दिया।

मिश्रा ने बताया कि स्टेडियम के ऊपरी खुले गेट बंद कर दिए गए हैं और अब वहां तीन स्तर के प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। साथ ही 24 घंटे सुरक्षा गार्ड भी तैनात रहेंगे, ताकि कोई पक्षी या जानवर अंदर नहीं आ सके।

इंडिया ओपन के दौरान कई मैच कोर्ट पर कबूतरों की बीट गिरने के कारण रोकने पड़े थे। खिलाड़ियों ने अभ्यास कोर्ट के पास भी गंदगी की शिकायत की थी।

मिश्रा ने कहा, ‘‘अब यह समस्या नहीं है। घोंसलों को हटाने का काम किया गया है। मुझे सौ फीसदी भरोसा है कि विश्व चैंपियनशिप के दौरान ऐसी कोई परेशानी नहीं होगी। ’’

उन्होंने बताया कि स्टेडियम में बड़े पैमाने पर सुधार किए गए हैं। ‘फॉल्स सीलिंग’ बदली गई है, दीवारों की मरम्मत की गई है और शौचालयों को पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है।

मिश्रा ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यहां के शौचालय हवाई अड्डे से भी बेहतर होंगे। परिसर में हरियाली बढ़ाई गई है, बाहर एक तालाब भी बनाया गया है ताकि खिलाड़ी मैच के बाद आराम कर सकें। ’’

दर्शकों और खिलाड़ियों के लिए फूड कोर्ट, बच्चों के खेलने की जगह, बड़ी स्क्रीन, छाता सुविधा और खिलाड़ियों व मीडिया के लिए गोल्फ कार्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह कोर्ट की ‘फ्लोरिंग बिछाने’ का काम शुरू होगा जिसमें 15 से 20 दिन लगेंगे। कोर्ट का आकार भी बीडब्ल्यूएफ के मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है।

इंडिया ओपन के दौरान खिलाड़ियों ने दिल्ली की खराब हवा की भी आलोचना की थी। डेनमार्क के एंडर्स एंटोनसन ने तो यह कहते हुए टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया था कि दिल्ली अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए उपयुक्त नहीं है।

मिश्रा ने बताया कि अगले साल इंडिया ओपन फरवरी में होगा, जब ठंड और प्रदूषण अपेक्षाकृत कम रहेगा। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की तारीख तय करने में अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और अन्य प्रतियोगिताओं को भी ध्यान में रखना पड़ा।

मिश्रा ने कहा कि 2027 से भारत को एक और सुपर 100 बैडमिंटन टूर्नामेंट मिलने की संभावना है।

उन्होंने कहा, ‘‘बीडब्ल्यूएफ ने हमें एक अतिरिक्त सुपर 100 प्रतियोगिता की पेशकश की है। हमारे पास पहले से सैयद मोदी टूर्नामेंट और दो सुपर 100 प्रतियोगिताएं हैं। नया टूर्नामेंट किस राज्य में होगा, इसका फैसला उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के आधार पर किया जाएगा। इसे स्वीकार करने की 99 प्रतिशत संभावना है। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द