नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) कप्तान शुभांगी सिंह का कहना है कि यूरोप में एक महीने की कड़ी ट्रेनिंग से भारतीय अंडर-20 टीम एफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप में वापसी के लिए और भी मजबूत हो गई है।
भारत दो दशकों के बाद इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा।
कप्तान शुभांगी की अगुआई वाली भारतीय टीम थाईलैंड में जापान के खिलाफ दो अप्रैल को अपना पहला मैच खेलेगी और उसकी कोशिश अपनी इस तैयारी को बेहतरीन प्रदर्शन में बदलने की होगी।
शुभांगी ने कहा, ‘‘हमने अच्छी तैयारी की है। स्वीडन में एक महीना बिताना और यूरोपीय क्लबों के खिलाफ खेलना हमारे लिए एक शानदार अनुभव रहा। वे टीमें हमसे शारीरिक रूप से लंबी और मजबूत थीं इसलिए हमें यह समझने में मदद मिली कि उनका सामना कैसे करना है। ’’
कप्तान के लिए इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने की अहमियत अब पुरानी बात हो चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम वहां क्वालीफाई करने की सोच के साथ गए थे और हमने ऐसा कर दिखाया। जब आपको पहले से ही यकीन होता है कि कोई चीज होने वाली है तो वह आपके लिए कोई हैरानी की बात नहीं होती। ’’
यही आत्मविश्वास अब उस टीम को मजबूती दे रहा है जो ग्रुप सी में एक कड़े मुकाबले के लिए तैयार हो रही है।
भारत दो अप्रैल को जापान से, पांच अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया से और आठ अप्रैल को चीनी ताइपे से भिड़ेगा। इस ग्रुप से शीर्ष दो टीमें और सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रहने वाली दो टीमें क्वार्टरफाइनल में पहुंचेंगी।
सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चारों टीम फीफा अंडर-20 महिला विश्व कप पोलैंड 2026 के लिए क्वालीफाई कर लेंगी।
फिलहाल कोलकाता में ट्रेनिंग कर रही टीम शुक्रवार की सुबह बैंकॉक के लिए रवाना होगी।
भारत अपने अभियान की शुरुआत इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक और छह बार की चैंपियन जापान के खिलाफ करेगा। जापान पिछले तीन अंडर-20 महिला विश्व कप के फाइनल में भी पहुंच चुका है और 2018 में उसने यह खिताब भी जीता था।
भाषा नमिता
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