… जी उन्नीकृष्णन …
बेंगलुरु, 19 मई (भाषा) दिग्गज भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने युवा पीढ़ी के खिलाड़ियों से आईपीएल में मिलने वाली तात्कालिक प्रसिद्धि के आकर्षण से ऊपर उठकर लंबे समय तक खेल के प्रति समर्पित रहने और व्यापक क्रिकेट जगत का सम्मान अर्जित करने का आग्रह किया। कोहली अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल 50 ओवर के प्रारूप में खेलते हैं। उन्होंने उभरते हुए क्रिकेटरों से कहा कि वे सभी प्रारूपों में खेलने वाले खिलाड़ी बनने के लिए खुद को प्रेरित करने की कोशिश करें। कोहली ने ‘आरसीबी इनोवेशन लैब’ के ‘इंडियन स्पोर्ट्स समिट’ के तीसरे सत्र के दौरान कहा, “यह जुनून की बात है। आजकल बहुत से लोग जुनून को पैसे से जोड़ते हैं। जी हां, यह एक बड़ा कारक है क्योंकि जब कोई ऐसा प्रारूप आपको प्रसिद्धि, पहचान और 20 गेंदों में 40-50 रन बनाकर मिलने वाली शोहरत देता है और आईपीएल में आज लोग जिस तरह की कमाई कर सकते हैं, तो यह आपको बहुत आरामदायक स्थिति में पहुंचा सकता है।” कोहली ने टेस्ट प्रारूप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बाद संन्यास ले लिया। उन्होंने उभरते हुए क्रिकेटरों से इस कठिन लेकिन बेहद फलदायी कदम को उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “वे कह सकते हैं, ‘देखो, यह (टी20 क्रिकेट) शानदार है। मुझे ज्यादा देर तक दबाव झेलने की जरूरत नहीं है। मैं बस मैदान पर उतरकर गेंद को जोर से मार सकता हूं।’ या फिर वे कह सकते हैं, ‘मैं 15–20 साल खेलना चाहता हूं। मैं क्रिकेट जगत में अपने नायकों की तरह पहचान और सम्मान पाना चाहता हूं और इस अवसर को भुनाना चाहता हूं।” उन्होंने कहा, “यह एक बिल्कुल अलग क्षेत्र है। आपको बहुत दृढ़ संकल्पित होना होगा तभी आप कह पाएंगे कि मैं अगले 10–15 वर्षों तक इस खेल के प्रति समर्पित रहूंगा। यह बहुत कठिन होगा, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं।” कोहली ने आधुनिक क्रिकेटरों के कौशल, विशेष रूप से लगातार छक्के लगाने की उनकी क्षमता को हालांकि कम नहीं आंका। उन्होंने कहा, “यह रोमांचक है, कई ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी आते हैं और उस तरह से खेलते हैं जिस तरह से मैंने खेलते हुए नहीं सीखा। सच कहूं तो, ये खिलाड़ी पावर हिटिंग और विस्फोटक क्रिकेट के मामले में कहीं अधिक उन्नत हैं।” भारत के इस पूर्व कप्तान ने कहा कि उनकी असली परीक्षा आईपीएल के आखिरी दौर में होगी, जब पिचें अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएंगी। इसके लिए बल्लेबाजी में ज्यादा समझदारी से काम लेने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, “हालात यही हैं और मैं हमेशा लोगों से यही कहता हूं कि आईपीएल में भी छठे हफ्ते तक इंतजार करें। अब ऐसे मैच होंगे जहां आपको 250 और 260 रन नहीं मिलेंगे और हर गेंद पर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी नहीं करनी पड़ेगी।” कोहली ने कहा, “जब आप दो या तीन विकेट गिरने के बाद मुश्किल पिच पर 175 या 180 रन का पीछा करने जाते हैं, तो आप यह कैसे करते हैं? टूर्नामेंट के इस चरण में कुछ खिलाड़ियों को छोड़कर, आप देखेंगे कि स्ट्राइक रेट एक सीमित दायरे में सिमटता जा रहा है।” कोहली से जब पूछा गया कि एक बल्लेबाज इस कठिन दौर में कैसे टिक सकता है, तो उन्होंने अपना तरीका साझा करते हुए कहा, “मेरे लिए, खेल का विश्लेषण करना और किसी भी परिस्थिति से निपटने का तरीका समझना जरूरी है। मेरे हिसाब से, यह तभी संभव है जब खेल के तकनीकी पहलुओं को अच्छी तरह से सीख लिया जाए, क्योंकि खेल को बदलने या परिस्थिति के अनुसार अपनी बल्लेबाजी को बदलने के लिए आपके पास सात–आठ अलग-अलग तरीकों से खेलने की क्षमता होनी चाहिए, न कि सिर्फ एक तरीके से।” उन्होंने कहा, “अगर पिच मुझे चौके लगाने नहीं दे रही है, तो मुझे अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए दौड़ लगानी चाहिए। इसके लिए मुझे शारीरिक रूप से एक खास तरीके से तैयारी करनी होगी। इसलिए ये वे मानसिक चुनाव हैं जो आप अपनी क्षमताओं को निखारने के लिए करते हैं।” भाषा आनन्द सुधीरसुधीर