गुवाहाटी, 19 मई (भाषा) पिछले छह महीने से खराब फॉर्म से जूझ रहे विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी एक टेस्ट के लिये भारतीय टीम की उपकप्तानी से हटा दिया गया है और तीन मैच की वनडे श्रृंखला के लिये वह टीम में भी नहीं हैं क्योंकि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने मंगलवार को यहां कुछ कड़े फैसले किए।
भारत जून में एकमात्र टेस्ट के लिए अफगानिस्तान की मेजबानी करेगा जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र का हिस्सा नहीं है। यह टेस्ट मैच छह जून से मुल्लांपुर में खेला जाएगा जिसके बाद 14 जून से धर्मशाला, लखनऊ और चेन्नई में तीन एकदिवसीय मैच भी खेले जाएंगे।
अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने यहां हुई बैठक के बाद टेस्ट टीम में बांए हाथ के स्पिनर मानव सुतार और हर्ष दुबे को शामिल करने का भी फैसला किया। इनके साथ ही छह फीट छह इंच लंबे पंजाब के तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को भी टीम में जगह दी गई है जिन्होंने इस सत्र में सिर्फ दो रणजी ट्रॉफी मैच खेले हैं।
जैसा कि 17 मई को पीटीआई की एक खबर में बताया गया था पंत को चयनकर्ताओं ने टेस्ट उप कप्तान के पद से हटाकर उनकी जगह अनुभवी खिलाड़ी केएल राहुल को नियुक्त किया है। पंत आईपीएल में लखनऊ सुपर जाइंट्स के लिए एक बल्लेबाज और कप्तान दोनों ही भूमिकाओं में लंबे समय से खराब दौर से गुजर रहे थे।
वहीं एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय ईशान किशन ने राहुल के बैकअप विकेटकीपर के तौर पर पंत की जगह ली है और तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को भी टीम में जगह मिली है।
कड़े फैसले करने के लिए पहचाने जाने वाले अगरकर ने साफ कर दिया कि समिति चाहती है कि पंत टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएं जैसा कि उन्होंने पहले भी किया है, विशेषकर मुश्किल विदेशी दौरों के दौरान।
अगरकर ने वर्चुअल बातचीत के दौरान पीटीआई के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ऋषभ एक जबरदस्त टेस्ट खिलाड़ी हैं। फिलहाल वह एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं हैं। हम चाहते हैं कि वह टेस्ट खिलाड़ी के तौर पर अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करें। मुझे नहीं लगता कि टेस्ट टीम में उनकी जगह को लेकर कोई चिंता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड दौरे पर पंत का प्रदर्शन उन्हें चोट (पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर) लगने तक अच्छा रहा था। मुझे पूरा यकीन है कि वह कुछ और रन बनाना चाहेंगे लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बहुत शानदार रहा है। हां, हमने वनडे क्रिकेट में दो विकल्पों (राहुल और किशन) को आजमाया है लेकिन टेस्ट क्रिकेट में वह हमारे मुख्य खिलाड़ियों में से एक बने हुए हैं।’’
इससे यह संकेत मिलता है कि आक्रामक बल्लेबाज पंत भारत की सीमित ओवरों के क्रिकेट की योजनाओं का हिस्सा नहीं है।
अगरकर को यह भी लगता है कि पहले टेस्ट मैच में भारत की कप्तानी कर चुके राहुल गिल के लिए एक बेहतरीन उप कप्तान साबित होंगे।
क्या राहुल को उप कप्तान बनाना भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया फैसला है? अगरकर ने कहा कि इस समय यह सबसे अच्छा विकल्प था।
अगरकर ने कहा, ‘‘राहुल पहले भी टेस्ट कप्तान रह चुके हैं। बेशक ऋषभ उप कप्तान थे लेकिन हम चाहते हैं कि वह जितने अच्छे बल्लेबाज बन सकते हैं उतने अच्छे बनें – जैसा कि वह टेस्ट क्रिकेट में हमेशा से रहे हैं। इसके अलावा कोई और वजह नहीं है। यह भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला है या नहीं? हमें लगता है कि जहां तक उप कप्तान की बात है तो हमारे पास यही सबसे अच्छा विकल्प है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘और हमने देखा कि जब कोलकाता में गिल चोटिल हो गए थे तो जरूरत पड़ने पर राहुल ने हमें जरूरी अनुभव दिया। साथ ही उनका इंग्लैंड का दौरा और वेस्ट इंडीज के खिलाफ प्रदर्शन भी बहुत अच्छा रहा था। इसलिए उनके पास काफी अनुभव है।’’
अगरकर ने जोर देते हुए कहा कि अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा टेस्ट टीम का एक अहम हिस्सा हैं और उन्हें कुछ युवा स्पिनरों को आजमाने के लिए आराम दिया गया है लेकिन अक्षर पटेल को दोनों टीम से बाहर कर दिया गया है।
बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुतार और हर्ष दुबे पिछले दो सत्र से भारत के उन खिलाड़ियों की सूची में शामिल रहे हैं जिन पर चयनकर्ताओं की नजरें रही हैं और इसलिए यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि उन्हें टेस्ट टीम में चुना गया है। दुबे को एकदिवसीय टीम में भी चुना गया है।
अगरकर ने कहा, ‘‘जडेजा को इस टेस्ट के लिए आराम दिया गया है। हम कुछ दूसरे खिलाड़ियों को मौका देने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें इस बात की जानकारी है। वह अब भी टेस्ट टीम का एक अहम हिस्सा हैं। बस इस टेस्ट के लिए वह टीम का हिस्सा नहीं हैं।’’
हालांकि उन्होंने यह साफ कर दिया कि चयनकर्ता दुबे को सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक संभावित स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर के तौर पर देख रहे हैं। यह साफ है कि जहां तक 2027 के 50 ओवर के विश्व कप में उनके खेलने की संभावनाओं की बात है तो ना तो जडेजा और ना ही अक्षर बहुत अच्छी स्थिति में हैं।
अगरकर ने कहा, ‘‘वनडे के मामले में अगले 15-16 महीने में हम यह देखना चाहते हैं कि हमारे पास क्या विकल्प हैं, विशेषकर दक्षिण अफ्रीका के हालात को देखते हुए हम नए खिलाड़ियों को मौका देना चाहते हैं। टेस्ट क्रिकेट के मामले में वह हमारे नंबर एक स्पिनर बने हुए हैं।’’
अक्षर के मामले में, मददगार पिचों पर भी गेंद को टर्न नहीं करा पाना और उनकी बिगड़ती बल्लेबाजी फॉर्म ही उनके टीम से बाहर होने की वजह बनी है।
मुख्य कोच गौतम गंभीर की तरह अगरकर को भी लगता है कि जैसे-जैसे नितीश कुमार रेड्डी को भारत के लिए शीर्ष स्तर पर मैच खेलने का मौका मिलेगा तो उनमें और सुधार होगा।
अगरकर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पिछले कुछ महीनों में हमने उनकी गेंदबाजी में काफी सुधार देखा है। वह जितना अधिक खेलेंगे उतने ही बेहतर होते जाएंगे। अगर वह इसी तरह आगे बढ़ते रहे तो वह हमारी टीम का एक अहम हिस्सा होंगे।’’
अनुभवी खिलाड़ी रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या का एकदिवसीय टीम में चयन फिटनेस पर निर्भर करेगा।
अगरकर ने कहा, ‘‘अगले दो हफ्तों में अगर हमें बताया जाता है कि ये दोनों खिलाड़ी फिट नहीं हो पाए हैं तो हम उसी हिसाब से फैसला लेंगे। अभी तक मुझे बताया गया है कि वे सही राह पर हैं। भारतीय फिजियो जो भी मुझे बताते हैं मुझे उन पर पूरा भरोसा है।’’
टेस्ट टीम :
शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साइ सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नितिश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुतार, गुरनूर बरार, ध्रुव जुरेल और हर्ष दुबे ।
वनडे टीम:
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नीतिश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ।
भाषा सुधीर आनन्द
आनन्द