आईएसएल 14 फरवरी से, सभी क्लब भाग लेंगे : खेलमंत्री मनसुख मांडविया

आईएसएल 14 फरवरी से, सभी क्लब भाग लेंगे : खेलमंत्री मनसुख मांडविया

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  • Publish Date - January 6, 2026 / 08:59 PM IST,
    Updated On - January 6, 2026 / 08:59 PM IST

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) भारतीय फुटबॉल में पिछले छह महीने से चल रही अनिश्चितता की स्थिति को समाप्त करते हुए खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को घोषणा की कि वाणिज्यिक साझेदार नहीं मिलने के कारण स्थगित हुई इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 14 फरवरी से शुरू होगी।

अब तक सितंबर में शुरू होने वाली लीग में मोहन बागान और ईस्ट बंगाल समेत सभी 14 क्लब हिस्सा लेंगे। इन दोनों क्लबों ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) द्वारा सुझाये गए वित्तीय मॉडल का विरोध किया था ।

वहीं इन्हीं कारणों से रूकी हुई आई लीग भी उसी समय शुरू होगी जिसमें 11 क्लब भाग लेंगे।

मांडविया ने यहां एआईएफएफ (अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ) और आईएसएल क्लबों के बीच यहां भारतीय खेल प्राधिकरण मुख्यालय पर हुई बैठक के बाद मीडिया को बताया, ‘‘ इंडियन सुपर लीग 14 फरवरी से होगी जिसमें सभी क्लब भाग लेंगे। आज सरकार, एआईएफएफ और मोहन बागान तथा ईस्ट बंगाल समेत सभी 14 क्लबों के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया कि लीग 14 फरवरी से शुरू होगी और सभी क्लब भाग लेंगे ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ समय से भारतीय फुटबॉल को लेकर अदालत में चल रहे विवाद के कारण आईएसएल आयोजन को लेकर जो अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी उस पर अब विराम लग गया।’’

एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने बताया, ‘‘आईएसएल के संचालन के लिए संचालन परिषद बोर्ड का गठन होगा जो सारे वाणिज्यिक फैसले लेगा । आईएसएल में 14 टीमों के 91 मैच एक चरण में होम (घरेलू) और अवे (प्रतिद्वंद्वी टीम का घरेलू मैदान) आधार पर खेले जायेंगे।’’

चौबे ने कहा कि मैच कहां होंगे, यह क्लब एआईएफएफ के साथ मिल कर तय करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘आई लीग में 11 टीमों के बीच 55 मैच खेले जाएंगे जो आईएसएल के साथ ही आरंभ होगी। ’’

उन्होंने बताया कि आईएसएल के संचालन लिए 25 करोड़ रुपये का पूल बनाया गया है जिसमें 10 प्रतिशत एआईएफएफ, 15 प्रतिशत क्लब, 30 प्रतिशत व्यावसायिक साझेदार वहन करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘जब तब व्यावसायिक साझेदार नहीं मिल जाता तब तक एआईएफएफ कुल 40 प्रतिशत खर्च वहन करेगा यानी साझेदार मिलने तक एआईएफएफ का कुल योगदान 14 करोड़ रुपये होगा जिसमें 10 करोड़ आईएसएल और 3.2 करोड़ आई लीग के लिए होंगे। आईडब्ल्यूएल (इंडियन वुमैंस लीग) का शत प्रतिशत खर्च एआईएफएफ वहन करेगा। अगर कहीं दिक्कत आती है तो सरकार हमारी मदद करेगी ।’’

आईएसएल 2025 . 26 का आयोजन अधर में लटक गया था जब एआईएफएफ के वाणिज्यिक साझेदार रिलायंस समूह के एफएसडीएल ने ‘मास्टर्स राइट एग्रीमेंट’ (एमआरए) को लेकर अनिश्चितता के कारण जुलाई में इसे स्थगित कर दिया था ।

एमआरए आठ दिसंबर 2025 को खत्म हो गया और बातचीत का भी कोई नतीजा नहीं निकला ।

बाद में उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति की देखरेख में वाणिज्यिक अधिकार साझेदार के चयन के लिये निविदा जारी की गई लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला ।

चौबे ने कहा ,‘‘ भारतीय फुटबॉल की सभी छह लीग इंडियन वुमैंस लीग के साथ होंगी जिसमें आई लीग दो और तीन शामिल है ।’’

भारतीय फुटबॉल में जारी गतिरोध के कारण खिलाड़ी भी परेशान थे और सुनील छेत्री समेत कई भारतीय खिलाड़ियों और आईएसएल खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों ने फीफा से दखल की मांग की थी ।

छेत्री, गुरप्रीत सिंह संधू और संदेश झिंगन जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता पर चिंता जताते हुए चेताया था कि भारतीय फुटबॉल हमेशा के लिये पंगु हो जायेगी ।

अनिश्चितता के कारण कई विदेशी खिलाड़ियों ने आईएसएल छोड़ दिया और इंग्लिश प्रीमियर लीग टीम मैनचेस्टर सिटी के मालिक सिटी फुटबॉल समूह ने मुंबई सिटी एफसी में अपना हिस्सा भी छोड़ दिया था ।

भाषा मोना आनन्द

आनन्द