करो या मरो’ का मुकाबला है, पूरे 60 मिनट अच्छी हॉकी खेलनी होगी : भारतीय कप्तान हरमनप्रीत

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करो या मरो’ का मुकाबला है, पूरे 60 मिनट अच्छी हॉकी खेलनी होगी : भारतीय कप्तान हरमनप्रीत

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  • Publish Date - August 21, 2026 / 04:49 PM IST,
    Updated On - August 21, 2026 / 04:49 PM IST

(फाइल फोटो के साथ) … मोना पार्थसारथी …

एम्सटेलवीन, 21 अगस्त (भाषा) पेरिस ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड के खिलाफ शनिवार को विश्व कप के दूसरे दौर के मुकाबले को ‘करो या मरो’ का बताते हुए भारतीय पुरूष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि उन्होंने टीम से इतना ही कहा है कि पूरे 60 मिनट अच्छी हॉकी खेलनी पड़ेगी । पूल डी में पहले दौर में वेल्स और पाकिस्तान को हराने वाली भारतीय टीम इंग्लैंड से हार गई थी जिससे दूसरे दौर में उसके पास एक भी अंक नहीं होगा । इंग्लैंड पूल डी में भारत पर मिली जीत के तीन अंक लेकर दूसरे दौर में उतरेगा जबकि पूल ए से नीदरलैंड के पास भी तीन अंक है लिहाजा भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बनाये रखने के लिये नीदरलैंड और अर्जेंटीना को हराना होगा । हरमनप्रीत ने भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘एक क्वार्टर में अच्छा खेलने से नहीं चलेगा, 60 मिनट अहम हैं और पूरे मैच में अच्छा खेलना है। बढ़त बनाने के बाद भी शैली और तेवर में बदलाव नहीं होना चाहिये । जब तक आखिरी सीटी नहीं बजती है हमारी बॉडी लैंग्वेज और जज्बा समान रहे ।’’ उन्होंने कहा , ‘‘हमने पिछले तीन मैचों में अपनी गलतियों का वीडियो विश्लेषण किया है और फोकस यही रहेगा कि उन्हें दोहराया नहीं जाये । डिफेंस मजबूत रहेगा तो हमें पता है कि हम विरोधी सर्कल में जाकर मौके बना सकते हैं और पीसी हासिल कर सकते हैं । अपनी गलती से गोल नहीं गंवाने हैं।’’ एफआईएच प्रो लीग में जून में भारत ने नीदरलैंड को 3 -2 से हराया था और हरमनप्रीत ने कहा कि उसी रणनीति और चतुराई से खेलकर उस प्रदर्शन को दोहराया जा सकता है । उन्होंने कहा, ‘‘एफआईएच प्रो लीग में हमने गेंद पर नियंत्रण बनाये रखा था और अपने हाफ में उन्हें गेंद आसानी से नहीं लेने दी थी। अगर हम उसी रणनीति और ऊर्जा के साथ चतुराई से खेल सके तो उसे दोहरा सकते हैं। एक टीम के तौर पर हम रोटेशन, रफ्तार और तालमेल पर फोकस करेंगे। राजिंदर, जुगराज, दिलप्रीत जैसे युवा खिलाड़ी अच्छा खेल रहे हैं और हर लाइन में हमारे पास अनुभवी खिलाड़ी है और यह हम सभी पर हैं कि जिम्मेदारी से खेलकर उनका मार्गदर्शन करें।’’ टूर्नामेंट में अभी तक सर्वाधिक पांच गोल कर चुके हरमनप्रीत डच टीम के निशाने पर होंगे लेकिन उन्होंने कहा कि टीम पर या उन पर कोई दबाव नहीं है । उन्होंने कहा, ‘‘कोई दबाव नहीं है , स्पष्टता है कि मैच जीतना ही है। जब आपके पास विकल्प नहीं होते तो करो या मरो के मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना ही होता है। व्यक्तिगत तौर पर मुझ पर भी कोई दबाव नहीं है क्योंकि अच्छा खेलना मेरी जिम्मेदारी है। अगर विरोधी टीम एक पर ज्यादा फोकस कर रही है तो हमारे पास और भी हथियार हैं जिनका इस्तेमाल कर सकते हैं। ’’ हरमनप्रीत ने यह भी कहा कि उनकी टीम को ‘अंडरडॉग’ के रूप में उतरने का फायदा ही मिलेगा । उन्होंने कहा, ‘‘रैंकिंग मायने रखती है लेकिन हम पेरिस में अपने से ऊंची रैंकिंग वाली टीमों को हरा चुके हैं। अंडरडॉग कहलाने के बावजूद मैच जीतने से अलग ही आत्मविश्वास मिलता है। हमारे पास यह अच्छा मौका है और हम कर सकते हैं।’’ मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने इस बात से इनकार किया कि खचाखच भरे वेगनेर स्टेडियम में सह मेजबान नीदरलैंड को मिलने वाले अपार समर्थन से उनकी टीम पर दबाव बनेगा । उन्होंने कहा ,‘‘हम भारत से बाहर काफी हॉकी खेलते हैं और इस तरह के हालात के लिये तैयार रहते हैं । दर्शकों के सहयोग से मदद मिलती है जैसे हमें राउरकेला या भुवनेश्वर में खेलते समय लगता है कि 12वां खिलाड़ी भी दीर्घा में है । इसका जवाब हम गोल करके ही दे सकते हैं ताकि दबाव हम पर नहीं , उन पर रहे ।’’ उन्होंने कहा कि भारत को अपने रक्षात्मक ढांचे को बेहतर रखकर खेलना होगा । उन्होंने कहा ,‘‘ नीदरलैंड ओलंपिक चैम्पियन है और दुनिया की शीर्ष तीन टीमों में किसी कारण से ही है। उसका पेनल्टी कॉर्नर और पेनल्टी कॉर्नर बचाव बहुत अच्छा है। हमें डिफेंस में काफी मेहनत करनी होगी ।’’ फुल्टोन ने कहा कि भारतीय टीम शीर्ष टीमों को हराने में सक्षम है और प्रो लीग में भी नीदरलैंड पर जीत दर्ज कर चुकी है । उन्होंने कहा ,‘‘ हमने पेरिस ओलंपिक में आस्ट्रेलिया पर पचास साल में पहली जीत दर्ज की थी । लेकिन ये सब आंकड़े हैं और अब हमें अगले चौबीस घंटे में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। यह बेहतरीन मौका है और हम अंडरडॉग के रूप में खेलेंगे जिससे दबाव उन पर रहेगा।’’ भाषा मोना आनन्द आनन्द