जयराम, शुभंकर सारलोरलक्स ओपन से बाहर, पृथकवास में
जयराम, शुभंकर सारलोरलक्स ओपन से बाहर, पृथकवास में
सारब्रकेन ( जर्मनी) , 29 अक्टूबर ( भाषा ) भारत के अजय जयराम और शुभंकर डे कोरोना पॉजिटिव पाये गए गत चैम्पियन लक्ष्य सेन के पिता और कोच के संपर्क में आने के कारण सारलोरलक्स ओपन बैडमिंटन से बाहर होकर पृथकवास में है ।
उन्नीस वर्ष के लक्ष्य पहले ही नाम वापिस ले चुके हैं जिनके पिता डी के सेन पॉजिटिव पाये गए । उनमें फिलहाल कोई लक्षण नहीं पाये गए हैं ।
विश्व बैडमिंटन महासंघ ने एक बयान में कहा ,‘‘बीडब्ल्यूएफ इसकी पुष्टि करता है कि सरलोरलक्स ओपन 2020 से तीन खिलाड़ियों ने एहतियात के तौर पर नाम वापिस ले लिया है चूंकि वे कोरोना पॉजिटिव पाये गए उनकी टीम के एक सदस्य के संपर्क में थे ।’’
इसमें कहा गया ,‘‘ ये तीन खिलाड़ी लक्ष्य सेन, अजय जयराम और शुभंकर डे टूर्नामेंट में आगे भाग नहीं लेंगे ।’’
तीनों खिलाड़ियों और टीम को पृथकवास में रखा गया है ।
बाद में जयराम ने खेल मंत्री किरेन रीजीजू, राष्ट्रीय बैडमिंटन महासंघ और बीडब्ल्यूएफ को टैग करके ट्वीट किया कि वह और शुभंकर वापस भारत लौटना चाहते हैं क्योंकि आयोजकों ने उन्हें पृथकवास पर रहने के अलावा कोई सूचना या मदद नहीं पहुंचायी है।
जयराम ने किसी खिलाड़ी का नाम लिये बिना बिना ट्वीट किया, ‘‘एक खिलाड़ी के कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने और आयोजकों के प्रोटोकॉल लागू करने में विफल रहने के कारण मैं और शुभंकर दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में फंस गये हैं। हमें अभी पृथकवास पर रहने के लिये कहा गया है और आयोजकों की तरफ से कोई अन्य सूचना नहीं दी गयी है जिसमें हमारा भोजन भी शामिल है। ’’
भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने आश्वासन दिया है कि वह मानवीय आधार पर जर्मनी में 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक के पृथकवास के दौरान इन दोनों खिलाड़ियों का खर्चा उठाएगा।
साई ने बयान में कहा, ‘‘साई होटल में ठहरने और भोजन के खर्चों के लिये कुल एक लाख 46 हजार रुपये का भुगतान करेगा तथा 90 प्रतिशत धनराशि शीघ्र जारी की जाएगी। ’’
टूर्नामेंट से पहले लक्ष्य, जयराम और डे नेगेटिव पाये गए थे । लक्ष्य और डे को पहले दौर में बाइ मिली थी जबकि जयराम ने पहले दौर का मुकाबला जीता था ।
इसके साथ ही टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई ।
कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल बैडमिंटन कैलेंडर बुरी तरह प्रभावित हुआ । इस महीने डेनमार्क ओपन के जरिये खेल की बहाली हुई है ।
भाषा पंत सुधीर
सुधीर

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