(फिलेम दीपक सिंह)
भुवनेश्वर, 26 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश की अनुभवी धावक मुनिता प्रजापति ने शुक्रवार को राष्ट्रीय अंतर राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के तीसरे दिन भीषण गर्मी और उमस के बीच महिलाओं की हाफ मैराथन स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता लेकिन वह एशियाई खेलों का क्वालीफिकेशन स्तर हासिल नहीं कर पाईं।
चौबीस साल की मुनिता ने 21.09 किमी की दूरी एक घंटा 45 मिनट पांच सेकेंड में पूरी की लेकिन वह भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) द्वारा तय किए गए एशियाई खेलों के एक घंटे 37 मिनट 20 सेकेंड के क्वालीफाइंग स्तर से काफी पीछे रहीं। उनका निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एक घंटा 39 मिनट 26 सेकेंड है जो उन्होंने इस साल फरवरी में चंडीगढ़ में हुई भारतीय पैदल चाल चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर रहते हुए हासिल किया था।
उत्तर प्रदेश की ही रेशमा पटेल ने एक घंटा 45 मिनट 48 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता जबकि महाराष्ट्र की सेजल अनिल सिंह (एक घंटा 46 मिनट 31 सेकेंड) तीसरे स्थान पर रहीं।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए चुनी गईं हरियाणा की रवीना एक घंटा 48 मिनट 56 सेकेंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
एएफआई द्वारा तय किया गया एशियाई खेलों का क्वालीफाइंग समय असल में उस राष्ट्रीय रिकॉर्ड (एक घंटा 39 मिनट 15 सेकेंड) से भी मुश्किल है जिसे रवीना ने फरवरी में चंडीगढ़ में भारतीय पैदल चाल चैंपियनशिप जीतने के दौरान हासिल किया था।
मुनिता ने कहा, ‘‘इस मौसम में क्वालीफाइंग समय हासिल करना मुमकिन नहीं है। यहां बहुत उमस और गर्मी है। ऐसा लग रहा था जैसे मेरी त्वचा जल रही हो। मुझे हर लैप के बाद खुद को पानी से भिगोना पड़ रहा था जिससे मेरा शरीर अकड़ जाता था लेकिन मैंने कोशिश की। सड़क ठीक है लेकिन थोड़ी ऊबड़-खाबड़ है। हम बेंगलुरु (साइ केंद्र) में भी इसी तरह की सड़क पर ट्रेनिंग करते हैं।’’
स्पर्धा की शुरुआत के समय सुबह साढ़े पांच बजे भुवनेश्वर में तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस था और बादल छाए होने के बावजूद उमस 90 प्रतिशत से अधिक थी।
उम्मीद है कि एशियाई खेलों की मेजबानी करने वाले जापान में भी 19 सितंबर से शुरू होने वाली प्रतियोगिता के दौरान काफी गर्मी और उमस होगी।
मुनिता को उम्मीद है कि एएफआई की चयन समिति एशियाई खेलों की टीम चुनते समय यहां के हालात पर भी विचार करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने फरवरी में (भारतीय पैदल चाल चैंपियनशिप में) एक घंटा 39 मिनट 26 सेकेंड का समय भी निकाला है। मुझे उम्मीद है कि उस प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’
मुनिता विदेशी कोच रोनाल्ड वेइगेल, गुरमीत सिंह और प्रीति चौधरी की देखरेख में ट्रेनिंग करती हैं।
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