8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदों पर फिरेगा पानी या मिलेगी खुशखबरी? फिटमेंट फैक्टर को लेकर वेतन आयोग अपना सकता है ये रुख!

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8th Pay Commission: कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.68 गुना करने की मांग कर रहे हैं। जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये हो जाएगा। लेकिन 8वां वेतन आयोग देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई और राजकोषीय घाटे को देखते हुए इस पर सावधानी और संतुलित फैसला ले सकता है।

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  • Publish Date - June 26, 2026 / 11:43 AM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 12:18 PM IST

(8th Pay Commission/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर पर अहम चर्चा जारी है।
  • कर्मचारी 3.68 तक बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।
  • संभावना है कि फैक्टर 2.57 के आसपास ही रह सकता है।

नई दिल्ली: 8th Pay Commission: आठवां केंद्रीय वेतन आयोग इन दिनों राज्य सरकारों के साथ अंतिम दौर की बातचीत में है। मुख्य चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है जो वेतन और पेंशन तय करने का सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है। कर्मचारी संगठन इसे 3.68 या उससे अधिक करने की मांग कर रहे हैं। जबकि शुरुआती संकेत बताते हैं कि आयोग 7वें वेतन आयोग के 2.57 के आसपास ही संतुलित रुख अपना सकता है।

आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर फैसला

सूत्रों के मुताबिक आयोग केंद्र और राज्य सरकारों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ का गहराई से आंकलन कर रहा है। महंगाई, राजकोषीय घाटा और सरकारी खर्च को ध्यान में रखते हुए अंतिम सिफारिशें तैयार की जा रही हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल फोकस संभावित फिटमेंट फैक्टर की सीमा तय करने और नए वेतन ढांचे के वित्तीय प्रभाव को समझने पर है।

कर्मचारियों की बड़ी मांगें और राज्यों से चर्चा

कर्मचारी यूनियन न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाकर लगभग 69,000 रुपये तक करने और 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग कर रही हैं। दूसरी ओर आयोग ने कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना और अन्य जगहों से फीडबैक लिया है। दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे क्षेत्रों में भी स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठकें हो चुकी है।

रिपोर्ट तैयार करने की तैयारी

मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया 15 जून को पूरी हो चुकी है और अब आयोग सभी सुझावों और आंकड़ों की समीक्षा कर रहा है। इसके बाद रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा, जिसमें वेतन और पेंशन का नया ढांचा तय होगा। इससे पहले 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। जिससे न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी हुई थी और सरकारी खर्च में भी बड़ी वृद्धि देखी गई थी।

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8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?

यह एक मल्टीप्लायर है जिससे बेसिक सैलरी और पेंशन को गुणा करके नया वेतन तय किया जाता है।

क्या फिटमेंट फैक्टर बढ़ेगा?

फिलहाल आयोग 2.57 के आसपास ही रखने पर विचार कर सकता है, लेकिन अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।

कर्मचारी संगठन क्या मांग कर रहे हैं?

वे 3.68 या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर और अधिक बेसिक सैलरी की मांग कर रहे हैं।

आयोग किन बातों को ध्यान में रख रहा है?

महंगाई, राजकोषीय घाटा और केंद्र-राज्य सरकारों के वित्तीय बोझ को ध्यान में रखा जा रहा है।