मेरी मानसिकता हमेशा विकेट लेने की रहती है: मुकेश कुमार

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मेरी मानसिकता हमेशा विकेट लेने की रहती है: मुकेश कुमार

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 08:23 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 08:23 PM IST

… अमित आनंद…

(तस्वीरों के साथ) नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने मुंबई इंडियन्स के खिलाफ शानदार गेंदबाजी के बाद शनिवार को यहां कहा कि रन बचाने के साथ उनकी प्राथमिकता हमेशा विकेट निकालने की रहती है। दिल्ली कैपिटल्स ने मुकेश की अगुवाई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ समीर रिजवी की 90 रन की आक्रामक पारी के दम पर मुंबई इंडियन्स को छह विकेट से हराया। टीम ने 163 रन के लक्ष्य को 18.1 ओवर में हासिल कर लिया। मुकेश ने सत्र के लगातार दूसरे मैच में अर्धशतक जड़ने वाले 22 साल के रिजवी की तारीफ करते हुए कहा कि क्रीज पर जमने के बाद उन्हें रोकना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा, “वह सकारात्मक सोच वाला बल्लेबाज है। अगर वह थोड़ा समय क्रीज पर बिता ले, तो किसी भी गेंदबाज के लिए उसे रोकना आसान नहीं होता। उसका फॉर्म में होना टीम के लिए अच्छा संकेत है।” मैच के दौरान मुकेश ने मुंबई की पारी के तीसरे ओवर में शानदार लय में बल्लेबाजी कर रहे रयान रिकल्टन और तिलक वर्मा को तीन गेंदों के अंदर आउट कर टीम को बड़ी सफलता दिलाई। उन्होंने कहा कि टीम पिच के मिजाज को समझने में सफल रही और उसी के अनुसार रणनीति बनाई। मुकेश ने कहा, ‘‘सबसे पहले विकेट को समझना पड़ता है। अगर पिच धीमी है, तो उसी हिसाब से लेंथ और विविधता पर काम करना होता है। इस मैच में मैंने लेंथ बॉल के साथ कटर का भी इस्तेमाल किया, क्योंकि गेंद रुककर आ रही थी।’’ मुकेश ने कहा कि शुरुआत में उन्होंने स्विंग हासिल करने की कोशिश की, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए जल्द ही अपनी रणनीति बदल दी। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में आमतौर पर बड़े स्कोर वाले मैच होते हैं, लेकिन इस बार विकेट वैसा नहीं था जैसा हमने सोचा था। हमने सपाट पिच की मांग की थी, लेकिन जो मिला, वह हमारे लिए कारगर साबित हुआ।’’ गेंदबाजी के दौरान अपनी मानसिकता पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरा ध्यान हमेशा विकेट लेने पर रहता है। अगर मैं रक्षात्मक गेंदबाजी करता हूं, तो बल्लेबाज पर दबाव नहीं बनता। आक्रामक मानसिकता से गेंदबाजी करने पर ही मौके बनते हैं।’’ उन्होंने टी20 क्रिकेट में पावरप्ले की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि शुरुआती विकेट मैच का रुख बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर पावरप्ले में विकेट मिल जाएं, तो बल्लेबाजी टीम पर मानसिक दबाव बनता है और रन गति नियंत्रित रहती है। अगर विकेट नहीं गिरते, तो टीम आसानी से 70-80 रन बना लेती है, जबकि विकेट गिरने पर स्कोर 50 तक सीमित रह सकता है।’’ भाषा आनन्द मोनामोना