नवीन जिंदल समूह की नौ राज्यों में परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की योजना

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नवीन जिंदल समूह की नौ राज्यों में परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की योजना

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 05:48 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 05:48 PM IST

नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) नवीन जिंदल समूह गुजरात और ओडिशा सहित कम से कम नौ राज्यों में उच्च क्षमता वाली परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए विभिन्न स्थानों का आकलन कर रहा है। मामले से परिचित समूह के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि समूह परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाएं तलाशने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ भी बातचीत कर रहा है।

ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति के तहत समूह करोड़ों रुपये के निवेश से 18 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1000 मेगावाट) क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रहा है। साथ ही वह वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में योगदान देना चाहता है।

इस्पात, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में कारोबार करने वाले समूह ने जिंदल रिन्यूएबल्स की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश की योजना बनाई है।

समूह के अधिकारी ने कहा, ‘‘बातचीत जारी है और हम कई राज्य सरकारों के साथ संपर्क में हैं।’’

अधिकारी ने बताया कि समूह नौ से अधिक राज्यों में संभावित स्थानों का आकलन कर रहा है। इनमें गुजरात, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे तटीय राज्य तथा झारखंड और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। संभावित स्थलों का मूल्यांकन भूमि की उपलब्धता, जल संसाधन, भूगर्भीय एवं भूकंपीय उपयुक्तता, पारेषण संपर्क, नियामकीय तैयारी तथा परियोजना की दीर्घकालिक व्यवहार्यता जैसे मानकों के आधार पर किया जा रहा है।

परियोजनाओं के आकार के बारे में अधिकारी ने कहा कि योजना 700 मेगावाट या उससे अधिक क्षमता वाले बड़े मॉड्यूलर रिएक्टर (एलएमआर) स्थापित करने की है। एक गीगावाट क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना पर 15,000 करोड़ रुपये से 20,000 करोड़ रुपये का निवेश आवश्यक होता है और अवधारणा से लेकर परियोजना के चालू होने तक लगभग तीन वर्ष का समय लगता है।

उन्होंने कहा कि समूह परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी हासिल करने के लिए कई पक्षों के साथ भी बातचीत कर रहा है।

भाषा निहारिका रमण

रमण