ओलंपिक 2036 को ध्यान में रखते हुए प्रतिभा पहचान का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा: अय्यर

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ओलंपिक 2036 को ध्यान में रखते हुए प्रतिभा पहचान का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा: अय्यर

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  • Publish Date - August 19, 2026 / 10:43 AM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 10:43 AM IST

(सुमन रे)

नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रघुराम अय्यर ने बुधवार को कहा कि 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों में 30 से लेकर 40 पदक जीतने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कम उम्र के खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा।

एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता रोंजन सोढ़ी ने हाल ही में कहा था कि भारत के पास 2036 के खेलों के लिए संभावित पदक विजेताओं की पहचान करने के लिए समय कम बचा है और उसे बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और प्रतिभाओं की खोज में मौजूद कमियों को तत्काल दूर करने की जरूरत है।

अय्यर ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह (रोंजन सोढ़ी) सही कह रहे हैं। भारत के सभी जिलों में पांच से 15 वर्ष के आयु वर्ग की प्रतिभाओं की खोज के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा, क्योंकि 2036 में यही खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे। इसके लिए प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) राष्ट्रीय खेल संघों (एनएसएफ) के साथ मिलकर इस योजना पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। आईओए यह सुनिश्चित करेगा कि एनएसएफ को जरूरी सहयोग मिले। एक खिलाड़ी के विकास के कई अन्य पहलू भी हैं, जिनमें आईओए की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।’’

आईओए के सीईओ ने हालांकि स्वीकार किया कि 2036 के ओलंपिक में 30 से 40 पदक जीतने के लक्ष्य ने भारतीय खेल की सर्वोच्च संस्था पर जबरदस्त दबाव डाला है। भारत ने इन ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा पेश किया है।

अय्यर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि दबाव निश्चित रूप से बढ़ा है, लेकिन दबाव सौभाग्य की बात है। मुझे लगता है कि हम सभी इस दबाव को झेलने की स्थिति में हैं। यह दबाव भारत की असीमित अपेक्षाओं का है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी भाग्यशाली हैं कि हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब पूरे खेल तंत्र को प्रधानमंत्री और खेल मंत्री का समर्थन हासिल है।’’

अय्यर ने यह भी बताया कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों ने विशेष रूप से ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेलों को महत्वपूर्ण समर्थन देने के लिए एक साथ मिलकर काम किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘खेल जगत में पूंजी का प्रवाह, चाहे वह सरकार से हो या निजी क्षेत्र से, बहुत तेजी से बढ़ा है। कुल मिलाकर खेलों को लेकर सकारात्मक माहौल है। मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी स्थिति है।’’

इस महीने की शुरुआत में संपन्न हुए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए अय्यर ने कहा, ‘‘मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, एथलेटिक्स, पैरा स्पोर्ट्स, जूडो आदि में हमारा प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। लेकिन अभी हम केवल इन्हीं उपलब्धियों पर संतुष्ट होकर नहीं बैठेंगे। आने वाले वर्षों में हम और भी बहुत कुछ हासिल करने की उम्मीद रखते हैं।’’

भाषा

पंत

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