पालेकल, 16 फरवरी (भाषा) पथुम निसांका की नाबाद शतकीय पारी के बूते श्रीलंका ने आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप बी मैच में सोमवार को यहां ऑस्ट्रेलिया को 12 गेंद शेष रहते हुए आठ विकेट से हराकर सुपर आठ में अपनी जगह पक्की की।
निसांका की 52 गेंद में नाबाद 100 रन की पारी से श्रीलंका ने जीत के लिए मिले रिकॉर्ड 182 रन के लक्ष्य को 18 ओवर में दो विकेट गंवाकर आसानी से हासिल कर लिया।
उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और पांच छक्के लगाने के अलावा दूसरे विकेट के लिए कुसल मेंडिस (38 गेंद में 51) के साथ 66 गेंद में 97 जबकि पवन रथनायके (15 गेंद में नाबाद 28) के साथ तीसरे विकेट के लिए 34 गेंद में 79 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को आसान जीत दिला दी।
इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की सुपर आठ में पहुंचने की उम्मीदें अधर में लटक गई हैं। अब उसे अपने अंतिम मैच में ओमान के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी और बेहतर नेट रन रेट के लिए अन्य परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। जिम्बाब्वे ने मं अगर आयरलैंड को हरा दिया तो ऑस्ट्रेलिया का सफर ग्रुप चरण में ही खत्म हो जायेगा।
इससे पहले कप्तान मिचेल मार्श और ट्रेविस हेड के विस्फोटक अर्धशतकों के दम पर मजबूत शुरुआत करने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की पारी 181 रन पर सिमट गयी।
चोट के कारण टूर्नामेंट के शुरुआती दो मैच नहीं खेल पाए मार्श ने वापसी करते ही आक्रामक अंदाज अपनाया और 27 गेंदों में 54 रन ठोक डाले। हेड ने भी 29 गेंदों में 56 रन की तूफानी पारी खेली। दोनों ने मिलकर नौ ओवर से कम समय में 104 रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया को 200 से अधिक के स्कोर की राह पर ला खड़ा किया।
श्रीलंका के गेंदबाजों ने हालांकि आखिरी 10 ओवरों में शानदार वापसी की। लेग स्पिनर दुशान हेमंथा (चार ओवर में 37 रन पर तीन विकेट) सबसे सफल गेंदबाज रहे। ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी चार विकेट महज छह रन के अंदर गंवा दिये।
लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका को मार्कस स्टोइनिस की गेंद पर कुसल मेंडिस के आउट होने से शुरुआती झटका तब लगा।
उनके आउट होते ही दर्शकों से खचाखच भरा पालेकल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में कुछ पल के लिए सन्नाटा पसर गया।
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ निसांका और कुसल मेंडिस की जोड़ी ने हालांकि दूसरे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी के साथ टीम के लिए मजबूत नींव तैयार किया।
टीम को जब 10 ओवर में 89 रन की जरूरत थी तब स्टोइनिस ने मेंडिस को आउट कर ऑस्ट्रेलिया को दूसरी सफलता दिलाई लेकिन निसांका के सामने ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज बेबस नजर आये। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा शतक है।
पहले गेंदबाजी करने का श्रीलंका का फैसला शुरुआत में गलत साबित हुआ। मार्श और हेड ने चौकों-छक्कों की झड़ी लगाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। जिम्बाब्वे से 23 रन की हार के बाद उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दुष्मंथा चमीरा (36 रन पर दो विकेट) के पहले ही ओवर में 16 रन बटोर लिए।
मार्श ने बैकफुट से ऑफ साइड में शानदार शॉट लगाकर अपने इरादे जाहिर किए, जबकि हेड ने शॉर्ट पिच गेंद पर पर चौका जड़ा। मार्श ने मिडविकेट के ऊपर छक्का लगाकर दबाव बढ़ाया। हेड ने महीश तीक्षणा के खिलाफ दो चौके जड़कर रनगति बरकरार रखी।
श्रीलंका को तीसरे ओवर में बड़ा झटका लगा जब 23 वर्षीय तेज गेंदबाज मथीश पथिराना मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान छोड़कर बाहर चले गए और दासुन शनाका को ओवर पूरा करना पड़ा।
शनाका की पहली ही गेंद पर हेड ने चौका जड़ा और फिर डीप स्क्वायर लेग के ऊपर छक्का लगाकर आक्रमण जारी रखा।
मार्श ने तीक्षणा के एक ओवर में लगातार पांच चौके जड़ते हुए पावरप्ले में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर बिना नुकसान 70 रन तक पहुंचा दिया।
कप्तान शनाका ने रनगति पर अंकुश लगाने के लिए लेग स्पिनर हेमंथा को गेंद थमाई, लेकिन हेड ने उनका स्वागत छक्का और चौके से किया। अगले ओवर में मार्श ने दुनिथ वेलालगे पर चौका और छक्का लगाकर टीम का शतक पूरा किया।
इसके बाद हालांकि ऑस्ट्रेलिया की पारी लड़खड़ा गई। 104 रन बिना नुकसान से टीम 130 रन पर चार विकेट गंवाकर संकट में आ गई और फिर उबर नहीं सकी।
ग्लेन मैक्सवेल ने 15 गेंदों में 22 रन बनाए, लेकिन पथुम निसांका ने प्वाइंट पर शानदार कैच लपक कर उन्हें पवेलियन भेजा। जोश इंग्लिस ने 22 गेंदों में 27 रन का योगदान दिया पर शुरुआती 10 ओवर में जो स्कोर 200 रन के पार जाता दिख रहा था वह 181 पर थम गया क्योंकि टीम ने आखिरी दो ओवर में चार विकेट गंवा कर सिर्फ छह रन बनाये।
भाषा आनन्द
आनन्द
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