शह मात The Big Debate/ Image Source- IBC24
शह मात The Big Debate: भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष की हंगामेबाजी देखने को मिली। जिसके चलते एमपी का सियासी टेम्प्रेचर बढ़ गया है। दऱअसल, विधानसभा में राज्यपाल मंगुभाई पटेल अपने अभिभाषण के दौरान सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे। (शह मात The Big Debate) जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ आगामी लक्ष्यों के बारे में सदन को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान नेताप्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस विधायक विरोध के लिए उठ खड़े हुए। इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड समेत कई मुद्दों पर राज्यपाल को ही घेरने लगे। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उन्हें रोका, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा। अभिभाषण खत्म होने के बाद उमंग सिंघार ने माइक बंद करने के आरोप लगाए।
शह मात The Big Debate: राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस ने जहां जमकर बवाल काटा, आरोपों के तीर चलाए, तो विपक्ष पर तीखा पलटवार (शह मात The Big Debate) करते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि- राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करना संसदीय मर्यादा का उल्लंघन है। कांग्रेस की हालत नाच ना जाने आंगन टेढ़ा जैसी हो गई है।
शह मात The Big Debate: 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलने वाले बजट सत्र के पहले दिन हुए हंगामे से साफ है कि- बजट सत्र के दौरान विधानसभा में सियासी उबाल देखने को मिल सकता है, लेकिन सवाल ये कि- कांग्रेस का राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा करना, क्या संसदीय गरिमा को चोट पहुंचाना नहीं है? सवाल ये कि- जब राज्यपाल के अभिभाषण और बजट सत्र (शह मात The Big Debate) पर खुलकर चर्चाएं होनी हैं, ऐसे में विरोध का ये तरीका क्या अराजक सोच को दर्शाता है? और पक्ष-विपक्ष के इतर सबसे बड़ा सवाल ये कि- क्या इन तौर तरीकों से जनता का कोई भला हो सकता है?
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