Vande Bharat/Image Credit: IBC24.in
Vande Bharat: नई दिल्ली: कल T-20 वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को जमकर पीटा। कोलंबोे में पाकिस्तान को धूल-चटाकर उसे पानी-पानी कर दिया, तो दूसरी तरफ अब कूटनीति और जियो-पॉलिटिकल रणनीति के तहत भारत ने एक ऐसा फॉर्मूला तैयार किया है। जिसके पूरा होते ही पाकिस्तान बूंद-बूंद को तरसेगा। (Vande Bharat) यानी अब पाकिस्तान के सिंधु जल समझौता रुद्द होने का खामियाजा भुगतने का दौर आने वाला है।
1. जल्द ही रावी नदी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान में जाना पूरी तरह से बंद हो जाएगा।
डैम बनकर लगभग तैयार है, जिसके पूर्ण होते ही दशकों से चली आ रही पाकिस्तान की मौज थम जाएगी। जम्मू-कश्मीर के जल संसाधन मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा है कि पंजाब सीमा पर बन रहा शाहपुर कंडी डैम 31 मार्च 2026 तक तैयार हो जाएगा, जिससे रावी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान जाना (Vande Bharat) पूरी तरह बंद हो जाएगा।
Vande Bharat: 2. भारत ने जम्मू और कश्मीर में चिनाब नदी पर 5,129 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘मेगा सावलकोट हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट’ पर काम शुरू कर दिया है। पहले फेज में 1406 मेगावॉट का प्रोजेक्ट बनेगा, तो दूसरे फेज में 450 मेगावॉट का ये एक ‘रन ऑफ द रिवर’ प्रोजेक्ट होगा। प्रोजेक्ट एरिया में एक साल में काम करने का समय सभी अंडरग्राउंड कामों और सतह के कामों के लिए 12 महीने होगा। इसमें नॉन-मॉनसून पीरियड में पूरी स्पीड से काम होगा और मॉनसून पीरियड में 50% स्पीड से काम होगा।
अब आपको रावी, चिनाब, झेलम और सिंधु नदी पर पानी के इस्तेमाल की जानकारी भी आपको दे देते हैं कि किसके पास, किस नदी के जल का कितना अधिकार है?
1. रावी नदी पर भारत को पूर्ण अधिकार, लेकिन पहले सरप्लस पाकिस्तान (Vande Bharat) जाता था।
2. चिनाब नदी के पानी पर पाकिस्तान को मुख्य अधिकार हैं, लेकिन भारत हाइड्रो प्रोजेक्ट्स बना सकता है।
Vande Bharat: 3. झेलम नदी पर संधि स्थगित होने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। भारत वुलर झील पर तुलबुल नेविगेशन प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जिसका पाकिस्तान विरोध कर रहा है।
4. और सिंधु नदी पर हुए समझौते को भारत ने तो़ड दिया है। य़ानी भारत अब संधि के (Vande Bharat) तहत किसी भी दायित्व को मानने से इनकार कर रहा है। भारत ने कई प्रोजेक्ट्स (जैसे शाहपुर कंडी, सावलकोट, पाकल दुल, किरु, रैटले, वुलर बैराज आदि) को तेज कर दिया है, ताकि पश्चिमी नदियों का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान न जाए।
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