कोलंबो, 17 फरवरी (भाषा) भारत के हाथों टी20 विश्व कप में मिली करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों को प्रशंसकों और पूर्व क्रिकेटरों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा है लेकिन ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक ने मंगलवार को कहा कि इस हार के बावजूद टीम पर किसी तरह का दबाव नहीं है।
इस 28 वर्षीय ‘मिस्ट्री स्पिनर (जिसकी गेंदों को पढ़ना बल्लेबाज के लिए मुश्किल होता है) ने भारत के खिलाफ फीके प्रदर्शन के बाद अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम और तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी का भी बचाव करते हुए कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों ने पाकिस्तान को कई मैच जिताए हैं।
अनोखे गेंदबाजी एक्शन से सुर्खियां बटोरने वाले तारीक ने नामीबिया के खिलाफ ग्रुप चरण के अपने आखिरी मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘ सच कहूं तो यह दबाव ज्यादातर दर्शकों और बाहरी शोर से होता है। लोगों को लगता है कि टीम में घबराहट का माहौल है लेकिन टीम के भीतर मैंने ऐसा कोई दबाव महसूस नहीं किया। जीत और हार खेल का हिस्सा हैं।”
उन्होंने नामीबिया के खिलाफ एकादश में बदलाव के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘हम अपनी ताकत पर भरोसा करते हैं और आने वाले मैचों में उसी का इस्तेमाल करेंगे। फिलहाल अंतिम एकादश को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। मैच के दिन देखा जाएगा कि कौन खेलता है।”
पाकिस्तान को टूर्नामेंट के सुपर आठ चरण में पहुंचने के लिए नामीबिया के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के खिलाफ मैच के बाद हमने बैठक की। हमने इस पर चर्चा की कि हमारी योजनाओं में कहा खामी रह गयी, किन क्षेत्रों में चूक हुई और उन्हें कैसे सुधारा जाए ताकि वही गलतियां दोबारा न हों। हम उन कमियों पर काम करेंगे और इससे निश्चित रूप से बेहतर नतीजे मिलेंगे।’’
भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरित होकर क्रिकेट खेलने वाले इस गेंदबाज ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों की उनके खिलाफ योजना कारगर रही।
इस मुकाबले में चार ओवर में 24 रन देकर एक विकेट लेने वाले तारिक ने कहा, ‘‘पाकिस्तान-भारत मैच पूरा देश देखता है और दुनिया भर की नजरें भी उसी पर होती हैं। यह मेरे लिए बड़ा मौका था ताकि मैं अपनी पहचान बना सकूं। मैं हालांकि उस स्तर तक नहीं पहुंच पाया, जैसा मुझे करना चाहिए था। अगर फिर मौका मिला तो मैं पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।”
उन्होंने कहा, ‘‘ भारतीय बल्लेबाजों की योजना कारगर रही। मैं अपनी रणनीति के अनुसार विकेट लेने की कोशिश कर रहा था। अंत में मुझे लगा कि मेरी ओर से गेंदबाजी संतुलित रही। विकेट भले कम मिले, लेकिन रन भी ज्यादा नहीं दिए। कई बार एक गेंदबाज रन पर अंकुश लगाता है तो दूसरे छोर से विकेट मिल जाते हैं।’’
नामीबिया के कोच क्रेग विलियम्स ने कहा कि उनकी टीम टूर्नामेंट का समापन सकारात्मक अंदाज में करना चाहती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले तीन मैचों में हर बार हम जीत की स्थिति में थे, लेकिन छोटी-छोटी गलतियों का प्रतिद्वंद्वी टीमों ने फायदा उठाया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हम चाहते हैं कि आखिरी मैच में मजबूत प्रदर्शन कर टूर्नामेंट का अंत बेहतर तरीके से करें। भारत के खिलाफ भी हमने खुद को ऐसी स्थिति में पहुंचाया था, जहां से जीत की उम्मीद बन सकती थी। हमने अच्छा क्रिकेट खेला है और उम्मीद है कि आखिरी मैच में हम उसे पूरी तरह अमल में ला पाएंगे।”
भाषा आनन्द मोना
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