… अजय मसंद …
ओस्लो, 29 मई (भाषा) विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन ने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में शानदार वापसी करते हुए मौजूदा क्लासिकल विश्व चैंपियन डी गुकेश को बृहस्पतिवार को करारी शिकस्त दी जिससे युवा भारतीय खिलाड़ी अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर पहुंच गया जबकि आर प्रज्ञानानंदा ने विंसेंट कीमर को आर्मगेडन टाईब्रेक में हराकर दूसरा स्थान बरकरार रखा। सात बार के नॉर्वे शतरंज चैंपियन कार्लसन ने टूर्नामेंट की धीमी शुरुआत के बाद जोरदार वापसी की। इस जीत से उन्हें पूरे तीन अंक मिले और वह अंतिम स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गए। दूसरी ओर, निराश गुकेश मुकाबले के बाद मुख्य द्वार से बचते हुए पीछे के दरवाजे से बाहर निकल गए, जबकि बाहर बड़ी संख्या में युवा प्रशंसक उनके ऑटोग्राफ का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार को विश्राम दिवस से पहले अलीरेजा फिरोजा शीर्ष पर बने हुए हैं। फिरोजा को हालांकि अमेरिका के वेस्ली सो के खिलाफ टूर्नामेंट की पहली हार झेलनी पड़ी। वेस्ली ने क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद आर्मगेडन में उन्हें पराजित किया। इसके बावजूद फिरोजा ने एक अंक हासिल कर 8.5 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर बने हुए है। प्रज्ञानानंदा छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वेस्ली सो 5.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज हैं, जबकि कार्लसन 4.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए। कीमर के खाते में चार अंक हैं। मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश 3.5 अंकों के साथ सबसे नीचे हैं। यह टूर्नामेंट उनके लिए एक और निराशाजनक अभियान बनता दिख रहा है, खासकर तब जब उन्हें इसी वर्ष विश्व खिताब रक्षा में जावोखिर सिंदारोव की चुनौती का सामना करना है। पिछले वर्ष गुकेश से हार के बाद कार्लसन की भावनात्मक प्रतिक्रिया काफी चर्चा में रही थी, लेकिन इस बार उन्होंने बेहद संयमित और पेशेवर अंदाज में काले मोहरों से मुकाबला अपने नाम किया। कार्लसन ने मैच के बाद कहा, “मैं आज खुद को बहुत अधिक प्रेरित महसूस नहीं कर रहा था। लगातार तीन दिन खराब खेल और समय के दबाव के बाद मैं थक चुका था। हालांकि आज शुरुआत से चीजें मेरे मुताबिक रहीं और मैं उससे खुश हूं।” पांच बार के विश्व चैंपियन कार्लसन ने गुकेश की शुरुआती चाल पर भी आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा, “ मैं उनकी शुरुआती चाल देखकर चौंक गया था। मुझे लगा था कि ज्यादा से ज्यादा ड्रॉ की स्थिति बनेगी। गुकेश कभी-कभी जरूरत से ज्यादा महत्वाकांक्षी खेलते हैं और आज भी ऐसा ही हुआ। वह स्पष्ट बढ़त साबित करना चाहते थे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसी कोई स्थिति थी। धीरे-धीरे वह मुश्किल में फंसते गए और मैंने नियंत्रण हासिल कर लिया।” हार के कुछ घंटों बाद ही 20 वर्ष के हुए गुकेश अब विश्राम दिवस में कई कठिन सवालों के साथ प्रवेश कर रहे हैं। अगले दौर में उनका मुकाबला हमवतन प्रज्ञानानंदा से होगा, जिन्होंने अब तक टूर्नामेंट में कहीं अधिक मजबूत मानसिकता और दबाव झेलने की क्षमता दिखाई है। प्रज्ञानानंदा और कीमर के बीच क्लासिकल मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने जीत के अवसर गंवाए। हालांकि भारतीय ग्रैंडमास्टर ने केवल 17 चालों में आर्मगेडन टाईब्रेक जीतकर 1.5 अंक हासिल किए। प्रज्ञानानंदा ने कहा, “आर्मगेडन मुकाबला काफी सहज रहा।” महिला वर्ग में भारत की दिव्या देशमुख को लगातार तीन आर्मगेडन जीत के बाद पहली बार हार का सामना करना पड़ा। मौजूदा चैंपियन अन्ना मुजिचुक ने उन्हें टाईब्रेक में मात दी। इस हार के बाद विश्व कप विजेता दिव्या 5.5 अंकों के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर खिसक गईं। कोनेरू हम्पी का संघर्ष जारी है। उन्हें झू जिनेर के खिलाफ एक और आर्मगेडन हार झेलनी पड़ी और वह छह खिलाड़ियों के समूह में अंतिम स्थान पर बनी हुई हैं। महिला वर्ग में बिबिसारा असाउबायेवा सात अंकों के साथ शीर्ष पर हैं। उनके पीछे मुजिचुक, दिव्या और झू जिनेर 5.5-5.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। मौजूदा महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन के चार अंक हैं, जबकि हम्पी तीन अंकों के साथ सबसे नीचे हैं। भाषा आनन्द आनन्द