किसी की जगह लेने की कोशिश नहीं कर रहा: ऑलराउंडर दुबे ने पहली बार भारतीय टीम में चुने जाने पर कहा

किसी की जगह लेने की कोशिश नहीं कर रहा: ऑलराउंडर दुबे ने पहली बार भारतीय टीम में चुने जाने पर कहा

किसी की जगह लेने की कोशिश नहीं कर रहा: ऑलराउंडर दुबे ने पहली बार भारतीय टीम में चुने जाने पर कहा
Modified Date: May 28, 2026 / 03:55 pm IST
Published Date: May 28, 2026 3:55 pm IST

नागपुर, 28 मई (भाषा) युवा स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर हर्ष दुबे भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी खुद की पहचान बनाना चाहते हैं और किसी अनुभवी सीनियर क्रिकेटर के ‘विकल्प’ के तौर पर नहीं पहचाने जाना चाहते।

बाएं हाथ के स्पिनरों और बाएं हाथ के बल्लेबाजों की सूची में सबसे होनहार ऑलराउंडरों में से एक विदर्भ के 23 वर्षीय क्रिकेटर दुबे को अगले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट और तीन मैच की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है।

राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने संकेत दिया कि वे दुबे को भविष्य की संभावना के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा को अफगानिस्तान के खिलाफ इस टेस्ट मैच के लिए सिर्फ आराम दिया गया है।

सनराइजर्स हैदराबाद के साथ आईपीएल सत्र पूरा करने के बाद नागपुर पहुंचने पर दुबे ने पीटीआई से कहा, ‘‘इस मौके ने मुझे एक खिलाड़ी के तौर पर काफी आगे बढ़ने में मदद की है। मैं किसी की जगह लेने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। मैंने इस मौके के लिए कड़ी मेहनत की है और मेरी यही मेहनत आज मुझे यहां तक लाई है। भविष्य के बारे में बहुत अधिक सोचने की जगह मेरा पूरा ध्यान इस बात पर है कि मुझे जब भी मौका मिले तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूं।’’

तीनों प्रारूप में 95 मुकाबलों में अब तक 198 विकेट ले चुके दुबे खुद पर बेवजह का दबाव नहीं डालना चाहते, विशेषकर अगर उन्हें छह जून से मुल्लांपुर में होने होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच की एकादश में जगह मिलती है तो।

दुबे ने कहा, ‘‘अभी मैं इस अंतरराष्ट्रीय मैच को किसी भी अन्य मैच की तरह ही ले रहा हूं। मैं खुद पर बहुत अधिक दबाव नहीं डालना चाहता। मैं बस अपनी काबिलियत पर भरोसा रखना चाहता हूं और वही करते रहना चाहता हूं जो मेरे लिए हमेशा कारगर रहा है।’’

बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी दुबे की मुख्य ताकत है जिससे उन्होंने 133 प्रथम श्रेणी विकेट लिए हैं (जिनमें नौ बार पारी में पांच या इससे अधिक विकेट और दो बार मैच में 10 या इससे अधिक विकेट लेने का कारनामा शामिल है) लेकिन दुबे बल्लेबाजी में भी माहिर हैं और अब तक 27 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 1000 से अधिक रन बना चुके हैं।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में नौ अर्धशतक जड़ने वाले दुबे ने कहा, ‘‘मुझे बल्लेबाजी में बहुत मजा आता है और मैं एक ऑलराउंडर के तौर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। मैं खुद को एक ऑलराउंडर के तौर पर देखता हूं क्योंकि मैंने हमेशा इसी तरह खेला है।’’

मौजूदा सत्र में आठ आईपीएल मैच खेलने से दुबे को अपने खेल को और बेहतर बनाने का मौका मिला।

दुबे ने कहा, ‘‘यह मेरा पहला पूर्ण आईपीएल सत्र है और यह सच में एक बहुत अच्छा अनुभव रहा है।’’

दुबे ने आठ मैच में आठ विकेट लिए जिसमें दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 12 रन पर तीन विकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी शामिल है। उन्होंने इस सफर में अपने माता-पिता को उनके समर्थन के लिए श्रेय दिया जिसका नतीजा उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने के रूप में मिला।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस सफर का श्रेय अपने माता-पिता को देना चाहता हूं। अगर युवा इसे देख रहे हैं और क्रिकेट खेलना चाहते हैं तो मैं उन्हें सलाह दूंगा कि वे हमेशा टीम के लिए खेलें और जब भी टीम को जीतने में मदद करने की जरूरत हो तो अपना शत प्रतिशत दें।’’

भाषा सुधीर मोना

मोना


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