प्रिथिका ने तीरंदाजी विश्व कप में पहली बार जीता कांस्य, टीम स्पर्धा में रजत से हासिल की दोहरी सफलता

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प्रिथिका ने तीरंदाजी विश्व कप में पहली बार जीता कांस्य, टीम स्पर्धा में रजत से हासिल की दोहरी सफलता

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 07:00 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 07:00 PM IST

मैड्रिड, 11 जुलाई (भाषा) भारत की 17 वर्षीय तीरंदाज प्रिथिका प्रदीप ने शानदार वापसी करते हुए दुनिया की 11वें नंबर की तीरंदाज हजल बुरुन को 145-142 से हराकर मैड्रिड तीरंदाजी विश्व कप में अपने करियर का पहला व्यक्तिगत विश्व कप कांस्य पदक जीता।

उन्होंने इसके साथ ही एक ही दिन में भारत के लिए दो पदक जीतकर यादगार प्रदर्शन किया। प्रिथिका ने ज्योति सुरेखा वेन्नम और चिकिथा तनीपार्थी के साथ मिलकर महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

भारत ने इस तरह कंपाउंड वर्ग में अपने अभियान का समापन दो पदकों के साथ किया। अब रविवार को रिकर्व वर्ग में भारतीय तीरंदाजों के पास दो और पदक जीतने का मौका होगा।

प्रिथिका को सेमीफाइनल में मलेशिया की फातिन नूरफतेहाह मत सालेह के खिलाफ 142-144 से करीबी हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें कांस्य पदक मुकाबला खेलना पड़ा।

अपने करियर के पहले विश्व कप पदक मुकाबले में प्रिथिका शुरुआत में दबाव में नजर आईं। तुर्की की बुरुन ने पहले ही दौर में लगातार तीन सटीक 10 लगाकर बढ़त बना ली और प्रिथिका 28-30 से पीछे हो गईं।

भारतीय तीरंदाज ने हालांकि शानदार संयम दिखाया। दूसरे दौर में उन्होंने 29-28 से बढ़त बनाकर अंतर कम किया और तीसरे दौर में तीनों तीरों पर सटीक निशाना लगाते हुए स्कोर 87-87 से बराबर कर दिया।

अंतिम तीर पर उन्हें जीत सुनिश्चित करने के लिए कम से कम आठ अंक की जरूरत थी, लेकिन प्रिथिका ने दबाव को मात देते हुए शानदार परफेक्ट 10 लगाया और अपने करियर का पहला विश्व कप कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

इससे पहले सुबह खेले गए महिला कंपाउंड टीम फाइनल में ज्योति सुरेखा वेन्नम, प्रिथिका प्रदीप और चिकिता तानीपार्थी की भारतीय तिकड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दोहरा सकी। कोलंबिया ने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखते हुए भारत को 232-228 से हराया, जिससे भारतीय टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता