नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और मौजूदा पुरुष युगल चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय बैडमिंटन टीम का नेतृत्व करेंगे।
भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) की चयन समिति ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हालिया प्रदर्शन और 26 मई तक की बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग की समीक्षा के बाद टीम को अंतिम रूप दिया।
भारत के शीर्ष क्रम के पुरुष एकल खिलाड़ी लक्ष्य सेन के नेतृत्व वाली इस टीम में पिछले चरण के कांस्य पदक विजेता एचएस प्रणय और पूर्व विश्व नंबर एक किदांबी श्रीकांत भी शामिल हैं। ये सभी हांग्झोउ में पिछले चरण में भारत की रजत पदक जीतने वाली ऐतिहासिक पुरुष टीम अभियान का हिस्सा थे।
एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। भारत को 2023 चरण के अपने शानदार प्रदर्शन को दोहराने या उससे भी बेहतर करने की उम्मीद होगी।
भारत ने हांग्झोउ में बैडमिंटन में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था जिसमें एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य (प्रणय के व्यक्तिगत पदक से) पदक जीता था।
पुरुष टीम में उस मुख्य ग्रुप के ज्यादातर खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने इस साल की शुरुआत में बीडब्ल्यूएफ थॉमस कप में कांस्य पदक जीता था।
बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता आयुष शेट्टी के साथ-साथ बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर चैंपियनशिप की व्यक्तिगत चैंपियनशिप में रजत पदक विजेता तन्वी शर्मा और टीम चैंपियनशिप पदक विजेता उन्नति हुड्डा को भी अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर शानदार प्रदर्शन के बाद टीम में चुना गया है।
बीएआई के महासचिव संजय मिश्रा ने कहा, ‘‘आज भारतीय बैडमिंटन ऐसी स्थिति में है जहां सफलता केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता से ही नहीं, बल्कि सभी श्रेणियों में प्रतिभा की बढ़ती गहराई से भी आकार ले रही है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘सात्विक-चिराग अपनी बेहतरीन फॉर्म में वापस आ गए हैं। लक्ष्य दुनिया के शीर्ष 10 में लौट आए हैं। पुरुष टीम ने एक बार फिर थॉमस कप में पोडियम तक जगह बनाई है। सिंधू और हमारे सीनियर खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन और अहम नतीजे दे रहे हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह टीम उसी सफर को दिखाती है। इसमें अनुभव, गहराई और उभरती हुई प्रतिभा का मेल है। हमें यकीन है कि इसमें एशियाई खेलों में मजबूती से मुकाबला करने और देश का नाम रोशन करने की काबिलियत और जज्बा है। ’’
भारतीय बैडमिंटन ने एशियाई खेलों के इतिहास में 13 पदक जीते हैं जिसमें पिछले चरण में जीता गया ऐतिहासिक स्वर्ण पदक भी शामिल है।
भारत ने कुल मिलाकर सबसे ज्यादा पदक 1982 के नयी दिल्ली एशियाई खेलों में जीते थे जहां देश ने पांच कांस्य पदक हासिल किए थे।
पुरुषों की युगल जोड़ी हरिहरन अमसाकरुणन और एम आर अर्जुन मजबूत फॉर्म में हैं। अर्जुन के पास 2022 में भारत की रजत पदक जीतने वाली पुरुष टीम का अनुभव भी है।
त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद भारत की महिला युगल चुनौती को मजबूती दे रही हैं। सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम भी उनके साथ शामिल हैं।
थाईलैंड मास्टर्स सुपर 300 चैंपियन देविका सिहाग और प्रतिभाशाली खिलाड़ी इशारानी बरुआ और थारुण मन्नेपल्ली भारत की एकल टीम को और मजबूत बनाते हैं। ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो युगल टीम में कौशल और अनुभव जोड़ते हैं।
व्यक्तिगत चैंपियनशिप के लिए भारत सभी पांचों स्पर्धाओं में हिस्सा लेगा। पुरुष एकल में सेन और शेट्टी जबकि महिला एकल में सिंधू और हुड्डा होंगे।।
सात्विक-चिराग और हरिहरन-अर्जुन पुरुष युगल में मुक़ाबला करेंगे जबकि त्रिसा-गायत्री और कविप्रिया-सिमरन महिला युगल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
मिश्रित युगल में भारत की ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की शीर्ष जोड़ी होगी।
एशियाई खेलों के लिए टीम :
टीम चैंपियनशिप:
पुरुष: लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी, एच एस प्रणय, किदांबी श्रीकांत, थारुण मन्नेपल्ली, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी, हरिहरन अम्सकरुनन, एम आर अर्जुन, ध्रुव कपिला।
महिला: पीवी सिंधू, उन्नति हुडा, देविका सिहाग, तन्वी शर्मा, ईशारानी बरुआ, त्रिसा जॉली, गायत्री गोपीचंद पुलेला, कविप्रिया सेल्वम, सिमरन सिंघी, तनीषा क्रास्टो।
व्यक्तिगत चैम्पियनशिप:
पुरुष एकल: लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी।
महिला एकल: पीवी सिंधू, उन्नति हुडा।
पुरुष युगल: सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, हरिहरन अम्सकरुनन और एम आर अर्जुन।
महिला युगल: त्रिसा जॉली औरगायत्री गोपीचंद पुलेला, कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी।
मिश्रित युगल: ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो।
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द