नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) ओलंपिक रजत पदक विजेता पहलवान रवि कुमार दहिया और पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता ऊंची कूद खिलाड़ी शरद कुमार को अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर दायर अलग-अलग याचिकाओं में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) से अंतरिम राहत मिली है।
कैट की प्रधान पीठ ने दिल्ली सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि दोनों आवेदकों ने प्रथम दृष्टया विचारणीय मामला प्रस्तुत किया है। दोनों खिलाड़ी पिछले कई वर्षों से शिक्षा निदेशालय में तदर्थ (एडहॉक) पदों पर कार्यरत हैं।
रवि दहिया को अक्टूबर 2021 में तदर्थ आधार पर सहायक शिक्षा निदेशक (खेल) नियुक्त किया गया था, जबकि तोक्यो पैरालंपिक के कांस्य पदक विजेता और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित शरद कुमार को मार्च 2022 में सहायक शिक्षा निदेशक (शारीरिक शिक्षा एवं राष्ट्रीय एकीकरण) के पद पर नियुक्त किया गया था।
दोनों खिलाड़ियों का आरोप है कि उनकी नियुक्तियों की अवधि लगातार बढ़ाई जाती रही, लेकिन उनकी सेवाओं का नियमितीकरण नहीं किया गया।
दिल्ली सरकार में शामिल होने से पहले रवि दहिया उत्तरी रेलवे में ‘टैलेंट स्काउटिंग’ (प्रतिभा खोज) कोटा के तहत कार्यरत थे और बाद में उन्हें विशेष पदोन्नति भी मिली थी। वहीं शरद कुमार भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) में एथलेटिक्स कोच के रूप में कार्यरत थे तथा उन्हें संगठन में पदोन्नति भी प्राप्त हुई थी।
दिल्ली सरकार में नियुक्ति स्वीकार करने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने अपने पूर्व पदों से इस्तीफा दे दिया था।
अधिकरण ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक दोनों खिलाड़ियों की सेवाएं समाप्त नहीं की जाएंगी। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित की गई है।
शरद कुमार के मामले में अधिकरण ने यह भी उल्लेख किया कि दिल्ली के उपराज्यपाल पहले ही शिक्षा निदेशालय को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से परामर्श कर उनकी सेवाओं के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दे चुके हैं।
भाषा आनन्द नमिता
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