स्पेन ने मेस्सी को बेअसर कर दिया: : भारतीय फुटबॉल के दिग्गज
स्पेन ने मेस्सी को बेअसर कर दिया: : भारतीय फुटबॉल के दिग्गज
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) भारत के पूर्व फुटबाल खिलाड़ियों ने विश्व कप के फाइनल में स्पेन के दबदबे, मजबूत रक्षापंक्ति और लगातार दबाव बनाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे लियोनेल मेस्सी को बेअसर करने और 120 मिनट तक अर्जेंटीना पर हावी रहने के बाद विश्व कप खिताब के सच्चे हकदार थे।
स्पेन ने फेरान टोरेस के अतिरिक्त समय (106वें मिनट) में किए गए गोल की मदद से अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार विश्व कप खिताब जीतने से रोक दिया।
भारत के पूर्व कप्तान विक्टर अमलराज ने कहा कि स्पेन ने फाइनल पर पूरी तरह से नियंत्रण रखा और वह अधिक बड़े अंतर से जीत सकता था।
उन्होंने कहा, ‘‘स्पेन ने शानदार खेल दिखाया और फाइनल में पूरी तरह से दबदबा बनाए रखा। स्पेन तीन गोल कर सकता था, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर ने शानदार प्रदर्शन किया।’’
अमलराज ने कहा कि स्पेन की मजबूत रक्षा पंक्ति ने मेस्सी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘फाइनल में मेस्सी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। स्पेन ने उन्हें पूरी तरह से रोके रखा। पूरे 120 मिनट में उन्होंने गेंद को मुश्किल से कुछ बार ही स्पर्श किया होगा। स्पेन की रक्षापंक्ति इतनी मजबूत थी कि उन्हें अपने कौशल दिखाने का मौका ही नहीं मिला।’’
भारत के पूर्व गोलकीपर सुब्रत पाल ने कहा कि स्पेन ने अपनी विशिष्ट शैली का शानदार नमूना पेश करते हुए अधिकतर समय गेंद को अपने कब्जे में रखा।
उन्होंने कहा, ‘‘जब भी स्पेन खेलता है तो वे मैच पर हावी रहते हैं। अगर आप गेंद पर कब्जे की बात करें, तो गेंद पर से नियंत्रण खोने पर भी वे उसे तुरंत वापस हासिल कर लेते हैं क्योंकि यही उनकी फुटबॉल खेलने की शैली है। ’’
पाल ने कहा, ‘‘दुनिया का हर देश स्पेन की खेल शैली और रणनीति की नकल करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह बहुत मुश्किल है। सिर्फ स्पेन ही इस तरह खेल सकता है।’’
भारतीय महिला फुटबॉल टीम की पूर्व कप्तान अदिति चौहान ने कहा कि अर्जेंटीना की टीम थकी हुई लग रही थी, गेंद पर कब्जा बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही थी और सार्थक हमले करने में विफल रही।
उन्होंने कहा, ‘‘बेहतर टीम जीती। स्पेन ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा और वह जीत की हकदार थी। मुझे अर्जेंटीना से बेहतर खेल की उम्मीद थी लेकिन उसके खिलाड़ी थके हुए लग रहे थे और गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे थे।’’
भारत के पूर्व कप्तान ब्रूनो कौटिन्हो ने भी इस बात का समर्थन किया कि मार्टिनेज ने अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हारने से बचाया।
उन्होंने कहा, ‘‘अर्जेंटीना के गोलकीपर मार्टिनेज आज के हीरो थे। नहीं तो वे तीन या चार गोल के अंतर से हारते। पूरे मैच में स्पेन का दबदबा बना रहा और अर्जेंटीना पूरी तरह से पस्त हो गया।’’
पूर्व भारतीय खिलाड़ी साबिर पाशा ने कहा, ‘‘ खेल के हर पहलू में स्पेन बेहतर टीम थी। उन्होंने अर्जेंटीना को काफी परेशान किया। लेकिन मुझे लगता है कि स्पेन को मैच बहुत जल्दी खत्म कर देना चाहिए था। पेनल्टी बॉक्स के अंदर स्पेन के खराब प्रदर्शन की वजह से ही मैच इतना लंबा खिंचा।’’
भाषा
पंत आनन्द
आनन्द

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