Ranji Trophy Final 2026/Image Credit: IBC24.in
Ranji Trophy Final 2026: नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए शनिवार 28 फरवरी का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक रहा। जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर 67 साल का लंबा इंतजार खत्म कर दिया। कर्नाटक के हुबली में खेले गए रणजी ट्रॉफी के फ़ाइनल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी की बढ़त के (Ranji Trophy Final 2026) आधार पर जम्मू-कश्मीर को विजेता घोषित किया गया।
आपकी जानकरी के लिए बता दें कि, रणजी ट्रॉफी के फ़ाइनल मुकाबले में जम्मू की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान के इस फैसले को सही साबित करते हुए जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहली पारी में 584 रन बनाए। बल्लेबाजों ने धैर्य और संयम के साथ खेलते हुए कर्नाटक के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। इसके जवाब में कर्नाटक की टीम पहली पारी में सिर्फ 293 रन ही बना सकी। इस तरह जम्मू-कश्मीर को 291 रन की बड़ी बढ़त मिल गई।
Ranji Trophy Final 2026: आपने देखा होगा की इतना बड़ी बढ़त मिलने पर आमतौर पर टीम सामने वाली टीम को फॉलोऑन देती है, लेकिन जम्मू की टीम ने ऐसा नहीं किया। (Ranji Trophy Final 2026) जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी खेलने का फैसला किया। दूसरी पारी में टीम ने मजबूती से बल्लेबाजी जारी रखी. पांचवें और अंतिम दिन जम्मू-कश्मीर ने चार विकेट पर 342 रन बना लिए थे।
जम्मू के लिए कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा ने शतकीय पारी खेली। इकबाल ने 160 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि लोत्रा 101 रन बनाकर क्रीज पर डटे रहे। दोनों बल्लेबाजों ने अंतिम दिन कर्नाटक को एक भी विकेट नहीं लेने दिया। जम्मू-कश्मीर ने सुबह अपनी पारी 4 विकेट पर 186 रन से आगे बढ़ाई थी और पूरे दिन बल्लेबाजी में नियंत्रण बनाए रखा।
Ranji Trophy Final 2026: जम्मू-कश्मीर टीम की कुल बढ़त जब 633 रन हुई तब दोनों टीमों के कप्तानों ने आपसी सहमति से मैच ड्रॉ करने का फैसला किया। पहली पारी की बढ़त के कारण जम्मू-कश्मीर को विजेता घोषित किया गया। यह जीत जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय है। पहली बार रणजी ट्रॉफी जीतकर टीम ने साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और सही रणनीति से किसी भी बड़े (Ranji Trophy Final 2026) लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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