सुथार मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे: बहतुले
सुथार मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे: बहतुले
कोलंबो, 26 अगस्त (भाषा) शानदार फॉर्म में चल रहे मानव सुथार ने बुधवार को टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला मुश्किल दिन देखा क्योंकि दूसरे टेस्ट के चौथे दिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने इस भारतीय बाएं हाथ के स्पिनर पर जमकर रन बनाए जिससे उन्होंने पांच रन प्रति ओवर से अधिक की दर से रन दिए।
पासिंदु सूरियाबंडारा, कामिंदु मेंडिस और धनंजय डिसिल्वा ने मिलकर सुथार की गेंदों पर चार छक्के लगाए। सुथार के पहले स्पेल का आंकड़ा 12 ओवर में 65 रन देकर कोई विकेट नहीं रहा।
भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने कहा कि यह युवा क्रिकेटर के लिए सीखने का अच्छा अनुभव होगा।
बहुतुले ने दिन के खेल के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘यह उसके लिए एक अनुभव है। यह उसका सिर्फ तीसरा टेस्ट मैच है। उसे अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा और वह इसके लिए अच्छी तरह तैयार है। उसे पता था कि बल्लेबाज उस पर आगे बढ़कर हमला करने वाले हैं। उसने मौके बनाए, लेकिन उस दौरान चीजें उसके पक्ष में नहीं गईं। ’’
हालांकि, 25 वर्षीय सुथार ने खराब शुरुआत के बाद शानदार वापसी की। उन्होंने अपने दूसरे स्पेल के छह ओवरों में सिर्फ 15 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
सूरियाबंडारा और डिसिल्वा के विकेट ने दिन के अंतिम सत्र में मैच का रुख निर्णायक रूप से भारत के पक्ष में कर दिया।
बहुतुले सुथार के हालात को बदलने के दृढ़ संकल्प से प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा, ‘‘वह निश्चित रूप से सीखने वाला क्रिकेटर है। मुझे उसके बारे में जो बात सबसे अच्छी लगती है, वह है उसका जुझारूपन। यह शानदार है। परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, जब भी आप उसे गेंद देते हैं, वह अपना शत प्रतिशत देता है। वह बहुत संयमित है और समझता है कि उससे क्या अपेक्षा की जाती है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज श्रीलंकाई बल्लेबाज भी उसके खिलाफ अच्छा खेले। उन्होंने कुछ अच्छे शॉट लगाए। लेकिन मुझे यकीन है कि वह इस मैच से मिली सीख को आगे लेकर जाएगा। जब ऐसी स्थिति दोबारा आएगी, तो वह उसका सामना करने के लिए और बेहतर तरीके से तैयार होगा। ’’
पूर्व भारतीय लेग स्पिनर बहुतुले ने टेस्ट पदार्पण करने वाले सारांश जैन के प्रदर्शन पर भी बात की।
उन्होंने कहा, ‘‘सारांश आज थोड़ा रक्षात्मक था और सामान्य से कुछ तेज गेंदबाजी कर रहा था। उसने वर्षों तक घरेलू क्रिकेट में काफी मेहनत की है और भारत के लिए टेस्ट पदार्पण करने का मौका खास होता है। थोड़ी घबराहट थी। जब आप अपना पहला टेस्ट खेल रहे होते हैं तो घरेलू मैच की तुलना में सहज महसूस करना आसान नहीं होता। ’’
जैन ने 17.4 ओवर गेंदबाजी करते हुए 55 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर

Facebook


