स्विस ओपन: सिंधू ने जीता महिला एकल का खिताब, प्रणय पुरुष एकल के उपविजेता बने

स्विस ओपन: सिंधू ने जीता महिला एकल का खिताब, प्रणय पुरुष एकल के उपविजेता बने

स्विस ओपन: सिंधू ने जीता महिला एकल का खिताब, प्रणय पुरुष एकल के उपविजेता बने
Modified Date: November 29, 2022 / 08:28 pm IST
Published Date: March 27, 2022 6:50 pm IST

बासेल, 27 मार्च (भाषा) भारत की शीर्ष महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने  स्विस ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट के फाइनल में रविवार को यहां थाईलैंड की बुसानन ओंगबामरंगफान को हराकर मौजूदा सत्र का अपना दूसरा महिला एकल खिताब जीता लेकिन पुरूष एकल के फाइनल में एच एस प्रणय को हार का सामना करना पड़ा।

 टूर्नामेंट में अपना लगातार दूसरा फाइनल खेल रही दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने यहां सेंट जैकबशाले में चौथी वरीयता प्राप्त थाईलैंड की खिलाड़ी को 49 मिनट तक चले मुकाबले में 21-16, 21-8 से हराया।

बुसानन के खिलाफ 17 मैचों में यह सिंधू की 16वीं जीत है। वह उनसे सिर्फ एक बार 2019 हांगकांग ओपन में हारी है।

प्रणय हालांकि इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी की चुनौती से पार नहीं ना सके। प्रणय चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी से 48 मिनट तक चले मुकाबले में 12-21, 18-21 से हार गये।

सिंधू पिछले सत्र के फाइनल में रियो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता स्पेन की कैरोलिना मारिन से हार गई थीं।

हैदराबाद की 26 वर्षीय खिलाड़ी की इस स्थल से हालांकि सुखद यादें जुड़ी है। उन्होंने 2019 में विश्व चैंपियनशिप में यहां स्वर्ण पदक जीता था।

सिंधू ने इस साल जनवरी में लखनऊ में सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय सुपर 300 जीता था। सुपर 300 टूर्नामेंट बीडब्ल्यूएफ (विश्व बैडमिंटन महासंघ) टूर कार्यक्रम का दूसरा सबसे निचला स्तर है।

हैदराबाद की खिलाड़ी ने इस मैच में आक्रामक शुरुआत की और 3-0 की बढ़त बना ली। बुसानन ने हालांकि वापसी करनी शुरू की और स्कोर को 7-7 से बराबर कर लिया।

बुसनान सिंधू को नेट से दूर रखने की कोशिश कर रही थी लेकिन अपने शॉट को ठीक से खत्म नहीं कर पा रही थी। ब्रेक के समय सिंधू के पास दो अंकों की बढ़त थी।

बैकलाइन के पास शानदार शॉट से सिंधू को चार गेम प्वाइंट मिले और उसने इसे भुनाने में देर नहीं की।

दूसरे गेम में बुसनान सिंधू को टक्कर देने में नाकाम रही। सिंधू ने 5-0 की बढ़त हासिल करने के बाद इसे 18-4 किया और फिर आसानी से मैच जीत लिया।

विश्व रैंकिंग के पूर्व आठवें नंबर के खिलाड़ी प्रणय पांच साल में पहला फाइनल मुकाबला खेल रहे थे।

तिरुवनंतपुरम के 29 साल के इस खिलाड़ी को 2018 में ‘गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स’ रोग और कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित होने के बाद कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा था।

टूर्नामेंट के दौरान शानदार लय में रहने वाले प्रणय रविवार को जोनाथन की सटीकता और दमखम का सामना नहीं कर सके।

प्रणय ने मैच की शुरुआत में 5-5 और 8-8 कीर बराबरी के साथ जोनाथन को टक्कर दी लेकिन इसके बाद जोनाथन ने पहले गेम में भारतीय खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया।

प्रणय जहां असहज गलतियां कर रहे थे वही जोनाथन ने लगातार दबाव बनाये रखा।

दूसरे गेम में प्रणय ने वापसी की कोशिश की लेकिन स्कोर को 7-7 से बराबर किया। जोनाथन ने हालांकि ब्रेक के समय 11-7 की बढ़त हासिल कर ली।

ब्रेक के बाद प्रणय ने एक बार फिर वापसी की और स्कोर को 13-13 से बराबर किया लेकिन जोनाथन ने एक भी भारतीय खिलाड़ी की लय को तोड़ते हुए 19-14 की बढ़त हासिल की और फिर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भाषा आनन्द पंत

पंत


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