पटियाला, 14 मई (भाषा) दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले दो सप्ताह मुक्केबाजों के लिए ‘यातना’ जैसे रहे क्योंकि खिलाड़ी भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के बीच प्रशासनिक विवाद में पिस गए।
साइ ने बीएफआई की मूल्यांकन-आधारित चयन प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी। कई मुक्केबाजों की शिकायतें मिलने के बाद साइ ने इस साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए टीम चयन हेतु चल रहे मूल्यांकन शिविर को बीच में ही रोक दिया था।
इसके बाद महासंघ को पारंपरिक ट्रायल-आधारित चयन प्रणाली पर वापस लाना पड़ा।
इस पूरे विवाद के बीच सबसे ज्यादा परेशानी मुक्केबाजों को उठानी पड़ी, जो लगातार बदलते कार्यक्रम के बीच कई हफ्तों से तैयारी कर रहे थे।
निकहत जरीन ने बृहस्पतिवार को ट्रायल्स के दौरान पीटीआई से कहा, ‘‘पिछले दो हफ्ते हमारे जैसे मुक्केबाजों के लिए किसी यातना से कम नहीं थे। मैं किसी एक व्यक्ति या संस्था को दोष नहीं देना चाहती, लेकिन खिलाड़ी उन दोनों (साइ और बीएफआई) के बीच के विवाद में पिस गए। ’’
भाषा नमिता सुधीर
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