मुक्केबाजों ने ट्रायल प्रणाली की वापसी का समर्थन किया, निकहत राष्ट्रमंडल और एशियाड की दौड़ से बाहर

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मुक्केबाजों ने ट्रायल प्रणाली की वापसी का समर्थन किया, निकहत राष्ट्रमंडल और एशियाड की दौड़ से बाहर

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  • Publish Date - May 14, 2026 / 09:06 PM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 09:06 PM IST

पटियाला, 14 मई (भाषा) दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन बृहस्पतिवार को यहां राष्ट्रमंडल खेल और एशियन खेलों के ट्रायल्स से उलटफेर का शिकार होकर बाहर हो गईं जबकि ज्यादातर मुक्केबाजों ने ट्रायल आधारित चयन प्रणाली की वापसी का स्वागत किया।

2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल की चैंपियन और 2023 हांग्झोउ एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता निकहत दिन के पहले मुकाबले में 51 किग्रा के सेमीफाइनल में साक्षी चौधरी से विभाजित फैसले से 1-4 से हार गईं।

भारतीय खेल प्राधिरकण (साइ) ने रविवार को भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) की मूल्यांकन आधारित प्रणाली को ‘अपारदर्शी’ बताते हुए इसे निलंबित कर दिया था जिससे बीएफआई को ट्रायल आधारित चयन प्रक्रिया पर वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पिछले हाई परफोरमेंस निदेशक द्वारा शुरू की गई मूल्यांकन आधारित चयन प्रणाली 2023 में शुरुआत से ही जांच के दायरे में रही है जिसमें कई मुक्केबाजों ने कथित भेदभाव और पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई है।

कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले एक मुक्केबाज ने पीटीआई को बताया, ‘‘ट्रायल प्रणाली बहुत बेहतर है। हमें इस बात का तनाव नहीं लेना पड़ता कि हम चुने गए हैं या नहीं क्योंकि आकलन के एक हफ्ते बाद तक हमें सूची का इंतजार करना पड़ता। ’’

एक और मुक्केबाज ने कहा, ‘‘ट्रायल निष्पक्ष होते हैं। अगर मैं बाउट हार गया हूं, तो हार गया हूं और मुझे पता है कि मुझे किस पर काम करना है। पहले हम सोचते रहते थे कि हमसे कहां कमी रह गई। ’’

ट्रायल साइ पर्यवेक्षक की मौजूदगी में हुए।

सेना की मुक्केबाज साक्षी अब 54 किग्रा से नीचे आ गई हैं। वह अब फाइनल में मौजूदा 48 किग्रा विश्व चैंपियन मीनाक्षी से भिड़ेंगी जिन्होंने पूर्व विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता नीतू घंघास को एकमत फैसले से हराया।

एक और बड़ा उलटफेर यह हुआ कि तीन बार के विश्व कप पदक विजेता हितेश गुलिया 70 किग्रा सेमीफाइनल में सुमित से हार गए। सुमित भी ट्रायल्स के लिए 75 किग्रा से नीचे आ गए हैं।

65 किग्रा महिलाओं के सेमीफाइनल में एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता परवीन हुड्डा ने अंकुशिता बोरो को हराया जबकि पूजा रानी 80 किग्रा में नैना से हार गईं।

अब तक सचिन सिवाच (60 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा) और प्रिया घघंस (60 किग्रा) ने पिछले महीने मंगोलिया में हुई एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के बाद राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों दोनों के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मिन लम्बोरिया (57 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने सिर्फ राष्ट्रमंडल खेलों के लिए स्थान पक्का किया क्योंकि उनका वजन वर्ग एशियाड में शामिल नहीं हैं।

ट्रायल जीतने वाले मुक्केबाज राष्ट्रमंडल खेल से पहले शिविर के लिए चेकिया जाएंगे जबकि दूसरे रैंक के मुक्केबाज 15 से 20 जून तक चीन के गुइयांग शहर में होने वाले विश्व मुक्केबाजी कप में हिस्सा लेंगे।

2026 राष्ट्रमंडल खेल जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में और इसके बाद सितंबर-अक्टूबर में 2026 एशियाई खेल जापान में होंगे।

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर