ग्रेटर नोएडा, नौ जनवरी (भाषा) उभरते हुए युवा मुक्केबाज जादुमणि सिंह ने शुक्रवार को यहां राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अनुभवी खिलाड़ी अमित पंघाल को चौंकाते हुए फाइनल में जगह बनाई, जबकि स्टार मुक्केबाज निकहत जरीन और लवलीना बोरगोहेन ने सेमीफाइनल में जीत के साथ स्वर्ण पदक की ओर कदम बढ़ा दिए।
इक्कीस वर्षीय जादुमणि (55 किग्रा) ने निरंतर आक्रामकता, तेजी और लगातार पंचों की बदौलत दो बार के ओलंपियन और विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता पंघाल के खिलाफ सर्वसम्मत 5-0 का फैसला अपने नाम किया।
सेना खेल नियंत्रण बोर्ड (एसएससीबी) का प्रतिनिधित्व कर रहे दोनों मुक्केबाज गैर-ओलंपिक 50 किग्रा वर्ग से ऊपर उठकर इस मुकाबले में उतरे थे और उनके बीच बेहद तेज रफ्तार और कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
जादुमणि ने पहले ही दौर से मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया। उन्होंने हर कोण से पंचों की बौछार की, जबकि पंघाल ने सटीकता और काउंटर पंचिंग पर भरोसा किया।
मुकाबले के आगे बढ़ने के साथ जादुमणि का दबाव साफ दिखने लगा। पंघाल जादुमणि की स्टेमिना का मुकाबला नहीं कर पाए और लगातार पड़ते मुक्कों से जूझते रहे। एक मौके पर उनका माउथगार्ड भी गिर गया और उन्हें चोट भी लग गयी।
पहले दो दौर को अपने नाम करने के बाद जादुमणि ने तीसरे दौर में रणनीति बदली। उन्होंने रिंग में घूमते हुए सधी हुई डिफेंस अपनाई और समझदारी से मुकाबले को समाप्त किया।
पुरुषों के अन्य सेमीफाइनल मुकाबलों में विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता मोहम्मद हुसामुद्दीन (60 किग्रा) और मौजूदा चैंपियन अविनाश जामवाल (65 किग्रा) को कड़ी मशक्कत के बाद क्रमशः 4-1 से जीत हासिल करनी पड़ी।
महिला वर्ग में दो बार की विश्व चैंपियन निकहत (51 किग्रा) ने दबदबा बनाए रखते हुए उत्तर प्रदेश की कुसुम भगेल को 4-1 के विभाजित निर्णय से हराया।
निकहत का अगला मुकाबला 2023 की विश्व चैंपियन नीतू घंघास से होगा, जिन्होंने अपने सेमीफाइनल में रेलवे की ज्योति को 4-0 से हराया था।
मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा) ने आसानी से जीत हासिल करते हुए मलिका मोर को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना (75 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश की इमरोज खान को 5-0 से मात दी।
हरियाणा की नीरज फोगाट और एसएससीबी की प्रांजल यादव के बीच महिला 65 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में हालांकि बाधा आने पर विवाद फिर से सामने आया।
पहले दो दौर के बाद स्कोरिंग से नाखुश हरियाणा के मुक्केबाजों के दल ने वीआईपी एनक्लोजर में बैठे बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह से विरोध जताया, जिसके चलते अंतिम राउंड की शुरुआत लगभग पांच मिनट देरी हुई।
तीसरा दौर खेले जाने के बाद परिणाम की घोषणा में भी पांच मिनट से अधिक की देरी हुई और मुकाबले का परिणाम पहले बीएफआई प्रमुख को दिखाया गया। यह सामान्य प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लंघन था। प्रांजल को अंतत: 4-1 से विजेता घोषित किया गया।
भाषा आनन्द
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