(फिलेम दीपक सिंह)
नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) भारत के शीर्ष त्रिकूद खिलाड़ी अब्दुल्ला अबुबाकर के लिए पिछला सत्र उतार-चढ़ाव भरा रहा है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह अपनी गलतियों को सुधारेंगे और इस साल के आखिर में ग्लास्गो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार दूसरा पदक जीतेंगे।
केरल के 30 साल के इस खिलाड़ी ने बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में 17.02 मीटर के प्रयास से रजत पदक जीता था। अबुबाकर ने 2026 सत्र की शुरुआत 16.82 मीटर और 16.83 मीटर के दो प्रयास साथ की है जिससे उन्हें ग्लास्गो (23 जुलाई से दो अगस्त) में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास मिला है।
अबुबाकर ने मंगलवार को पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैं दूरी पर ध्यान नहीं दे रहा हूं। मैं बस अपनी गलतियों को सुधारने की कोशिश कर रहा हूं। अगर मैं ऐसा कर पाता हूं तो मेरी दूरी और प्रदर्शन अपने आप बेहतर हो जाएगा और मैं कम से कम पोडियम पर तो जगह बना ही लूंगा। 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में मेरा यही लक्ष्य है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में 17.02 मीटर का प्रयास किया था। उससे पहले मेरे प्रदर्शन के बारे में कोई नहीं जानता था। वहां तक पहुंचने के लिए मैंने बहुत कड़ी मेहनत की थी। मैंने अपनी गलतियों को सुधारा। मैंने वह सब कुछ किया जो जरूरी था।’’
अबुबाकर ने कहा, ‘‘मैं अपना लक्ष्य जरूर हासिल करूंगा। अगर मैं वहां (ग्लास्गो में) 17 मीटर का प्रयास कर पाता हूं तो पदक जीत सकता हूं। उम्मीद है कि मुझे कोई चोट नहीं लगेगी। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड से भी बेहतर या कोई बहुत बड़ा प्रयास कर सकता हूं।’’
अबुबाकर की अगली प्रतियोगिता मई में रांची में होने वाला फेडरेशन कप है जो राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आखिरी चयन प्रतियोगिता होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अगर मैं फेड कप में अच्छा प्रदर्शन करता हूं तो राष्ट्रमंडल खेलों और उसके बाद एशियाई खेलों में भी मेरा प्रदर्शन अच्छा रहेगा। मुझे दो बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा- एक बार राष्ट्रमंडल खेलों में और दूसरी बार एशियाई खेलों में।’’
अबुबाकर ने कहा, ‘‘मैं पूरी तरह से फिट हूं और मेरा ध्यान दोनों (राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों) पर है। मैं दोनों प्रतियोगिताओं में अपना पूरा जोर लगा दूंगा।’’
अबुबाकर का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 17.19 मीटर है जो उन्होंने 2022 में हासिल किया था और 2025 की शुरुआत में इसे दोहराया था। पिछले साल की शुरुआत में उस बड़े प्रयास के बाद वह एक बार भी 17 मीटर के आंकड़े को नहीं छू पाए। तोक्यो विश्व चैंपियनशिप 2025 के क्वालीफाइंग दौर में वह सिर्फ 16.33 मीटर का प्रयास कर पाए और फाइनल में जगह बनाने से चूक गए।
अबुबाकर आगामी वर्षों में इंडोर प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं क्योंकि भारत को 2028 में भुवनेश्वर में विश्व इंडोर चैंपियनशिप की मेजबानी करनी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अभी तक किसी इंडोर प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है लेकिन अगर भारत में अच्छी प्रतियोगिताएं होती हैं तो मैं जंरूर हिस्सा लूंगा। मैं थोड़ी ट्रेनिंग करूंगा और अगर मुझे भारत में कोई अच्छी प्रतियोगिता मिलती है तो मैं उसमें हिस्सा लूंगा। मैं उस पर ध्यान दूंगा।’’
कर्नाटक के बेल्लारी में स्थित ‘इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट’ में ट्रेनिंग कर चुके अबुबाकर इंस्टीट्यूट के बारे में बात करते हुए कहा, ‘‘मैंने वहां एक साल ट्रेनिंग की थी, यह 2025 की बात है। वहां आपको एक ही जगह पर सब कुछ मिल जाता है। सभी सुविधाएं शीर्ष स्तरीय हैं। भारत का लक्ष्य ओलंपिक का आयोजन है और इसलिए हमें ऐसी शीर्ष सुविधाओं की जरूरत है।’’
भाषा सुधीर मोना
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