(अजय मसंद)
नागोया, 20 सितंबर (भाषा) एलावेनिल वलारिवन के महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने एशियाई खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता के पहले दिन दो रजत पदक जीतकर अपने अभियान की बेहतरीन शुरुआत की।
भारत की सबसे कुशल राइफल निशानेबाजों में से एक एलावेनिल ने टीम स्पर्धा में देश को रजत पदक दिलाने में मदद की और फिर व्यक्तिगत स्पर्धा में भी रजत पदक जीता। तमिलनाडु में जन्मी यह निशानेबाज फाइनल के अधिकतर समय तक स्वर्ण पदक जीतने की स्थिति में दिख रही थी लेकिन अंतिम क्षणों में जापान की हिनाता ताइची ने उन्हें पीछे छोड़कर सोने का तमगा हासिल किया।
विश्व चैंपियनशिप 2025 की कांस्य पदक विजेता एलावेनिल ने 252.4 अंक हासिल किए, जो ताइची से सिर्फ 0.6 अंक कम थे। ताइची ने 253.0 अंक हासिल करके एशियाई खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।
मौजूदा विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता दक्षिण कोरिया की बान ह्योजिन ने 230.4 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।
एलावेनिल का यह एशियाई खेलों में पहला व्यक्तिगत पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 जकार्ता और 2022 हांगझोऊ खेलों में भाग लिया था लेकिन पोडियम पर जगह बनाने में असफल रही थीं।
फाइनल के अधिकांश समय तक स्वर्ण पदक उनकी मुट्ठी में लग रहा था। वह 17वें शॉट के बाद बान से 1.4 अंकों से आगे थीं, जबकि ताइची तीसरे स्थान पर थीं। एलावेनिल 21वें शॉट के बाद भी जापानी निशानेबाज से 0.2 अंकों से आगे थीं। लेकिन इसके बाद ताइची आगे हो गई।
एलावेनिल अंतिम दो शॉट्स से पहले ताइची से केवल 0.3 अंक पीछे थीं। उन्होंने 10.4 अंक बनाए, लेकिन जापानी निशानेबाज ने 10.6 अंक बनाकर अपनी बढ़त 0.5 अंक कर दी।
भारतीय खिलाड़ी को पदक का रंग बदलने के लिए अंतिम शॉट में अच्छे प्रदर्शन की जरूरत थी लेकिन उन्होंने 10.1 का स्कोर बनाया। ताइची ने संयम बनाए रखते हुए 10.2 का स्कोर करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया और एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया।
यह रजत पदक एलावेनिल का दिन का दूसरा पदक था। इससे पहले उन्होंने सोनम मस्कर और विदरसा विनोद के साथ मिलकर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता था। सोनम ने भी फाइनल में जगह बनाई थी जहां वह 167 अंकों के साथ छठे स्थान पर रही।
एलावेनिल ने बाद में कहा, ‘‘मैं जानती थी कि मैं शीर्ष तीन में शामिल हूं। मैं अपनी प्रक्रिया और तकनीक पर ध्यान केंद्रित कर रही थी, फिर भी मैं थोड़ी लापरवाह हो गई। मुझे अपने फाइनल पर और काम करने की ज़रूरत है। बस इतना ही। मुझे लगा कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुझे खुशी है कि मैंने रजत पदक जीता।’’
इससे पहले एलावेनिल, सोनम और विदरसा की भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया।
भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा।
टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है।
क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया।
विदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं, लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ।
विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’
विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर थ्री पोजिशन स्पर्धा में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है।‘‘
इस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग ज़िफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई।
चीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे, लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं।
भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
भाषा
पंत सुधीर
सुधीर