नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) बाहरी उत्तर दिल्ली के पूठ खुर्द में बिना डॉक्टर की पर्ची के ‘प्रेगाबालिन’ कैप्सूल बेचे जाने की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने औषधि नियंत्रण विभाग के साथ मिलकर दवा की एक दुकान पर छापा मारा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह दवा उन लोगों को बेची जा रही थी, जो नशे के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहते थे।
पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) शोभित सक्सेना ने बताया कि संयुक्त कार्रवाई 18 सितंबर को पाइपलाइन रोड स्थित सतगुरु डेयरी के पास अंबे फार्मेसी में की गई।
सक्सेना के मुताबिक, बिना डॉक्टर की पर्ची के ‘प्रेगाबालिन’ खरीदने के लिए एक नकली ग्राहक को 500 रुपये का नोट देकर दुकान पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि दुकानदार ने कैप्सूल दे दिए और बाद में वही नोट उसके (दुकानदार) पास से बरामद किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि ‘प्रेगाबालिन’ कथित तौर पर गलत इस्तेमाल के लिए और सामान्य खुदरा दर से अधिक कीमत पर बेचा जा रही थी।
अधिकारियों के अनुसार, दवा की यह दुकान दरियापुर निवासी अखिल की थी और वह मौके पर मौजूद मिला। उन्होंने बताया कि दुकान पर लगा दवा लाइसेंस सागर राणा के नाम पर था और यह छह मई 2026 तक ही वैध था।
अधिकारियों ने कहा कि लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए कोई आवेदन या शुल्क भुगतान नहीं किया गया था।
उन्होंने बताया कि औषधि नियंत्रण विभाग को दुकान में शेड्यूल एच और एच1 श्रेणी की दवाएं भी मिलीं, लेकिन उनके खरीद बिल, बिक्री रिकॉर्ड और डॉक्टर की पर्चियों से संबंधित रजिस्टर उपलब्ध नहीं थे।
अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी मात्रा में एक्सपायर हो चुकी दवाएं भी मिलीं। उन्होंने बताया कि कुछ पैकेट पर निर्माण या इस्तेमाल की अवधि समाप्त होने की तिथि स्थायी मार्कर से छिपाई गई थी।
अधिकारियों के अनुसार, दुकान में कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा था। उन्होंने बताया कि दुकानदार ने दावा किया कि दवाएं राजेश नाम के व्यक्ति से खरीदी गई थीं, जो कथित तौर पर अधिकृत डीलर नहीं था।
‘प्रेगाबालिन’ की खरीद के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य है। इस दवा का इस्तेमाल न्यूरोपैथिक दर्द, फाइब्रोमायल्जिया और कुछ तंत्रिका संबंधी विकारों के इलाज में किया जाता है। केंद्र सरकार ने इस साल मई में इसे शेड्यूल एच1 में शामिल करने की अधिसूचना जारी की थी, जिसके तहत कड़े नियामकीय प्रावधान नवंबर से लागू होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि औषधिक नियंत्रण अधिकारी लाइसेंस की स्थिति, दवाओं की खरीद और बिक्री, ‘प्रेगाबालिन’ की कथित अनधिकृत बिक्री, एक्सपायर दवाओं और रिकॉर्ड रखने में हुई अनियमितताओं की जांच कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा सुरभि पारुल
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