तिरुवनंतपुरम, 20 सितंबर (भाषा) केरलम के देवस्वओम मंत्री के. मुरलीधरन ने रविवार को कहा कि सरकार शबरिमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में ‘अरवणा पायसम’ की कमी के मुद्दे पर गंभीरता से गौर कर रही है।
मुरलीधरन ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने सुबह त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष के. जयकुमार से बात की थी। उन्होंने बताया कि आगामी शबरिमला तीर्थयात्रा से पहले अरवणा बनाने वाले संयंत्र के नवीनीकरण के कारण इसकी कमी हुई है।
मंत्री ने कहा कि आमतौर पर संयंत्र का नवीनीकरण मंदिर बंद रहने के दौरान किया जाता है, न कि उस समय जब मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला हो, जैसा कि इस बार हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बार यह काम उस समय किया गया जब तीर्थयात्रा के दौरान होने वाली भीड़ से बचने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले ही आने लगे थे। इसी वजह से कमी हुई।’’
मुरलीधरन ने कहा, ‘‘श्रद्धालु चिंतित हैं कि तीर्थयात्रा के दौरान स्थिति कैसी होगी। सरकार इस मुद्दे पर सतर्क है और यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।’’
‘अरवणा पायसम’ लाल चावल, गुड़ और घी से बनने वाला एक मीठा व्यंजन है, जिसे शबरिमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में पारंपरिक रूप से प्रसाद के तौर पर श्रद्धालुओं को दिया जाता है।
मंत्री ने कहा कि टीडीबी अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं आएगी और संयंत्र का नवीनीकरण मंदिर बंद रहने के दौरान ही किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बोर्ड इस समस्या का पहले से अनुमान नहीं लगा सका लेकिन सरकार टीडीबी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा केवल अदालतों के माध्यम से ही किया जा सकता है।’’
उन्होंने कहा कि जब इस तरह के मुद्दे सामने आते हैं तो मंत्री होने के नाते उन्हें जवाब देना पड़ता है क्योंकि शबरिमला में किसी भी चूक या समस्या के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
भाषा सुरभि सिम्मी
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