मुंबई, 11 जून (भाषा) इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय स्टार दीप्ति शर्मा और स्मृति मंधाना का हाल में प्रदर्शन इतना खास नहीं रहा लेकिन फॉर्म में लौटने के लिए महिला टी20 विश्व कप से बेहतर समय नहीं हो सकता।
इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की सीरीज दीप्ति के लिए मुश्किल रही थी जबकि उप कप्तान मंधाना महिला टी20 विश्व कप से पहले इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैच में महज 40 रन ही बना पाई थीं।
हुसैन ने कहा कि दीप्ति का भारतीय टीम के अंतिम एकादश में होना जरूरी है और मंधाना भी अपनी फॉर्म से हैरान कर सकती हैं।
आईसीसी विशेषज्ञ हुसैन ने जियोस्टार मीडिया डे में कहा, ‘‘मैं चाहूंगा कि किसी बड़े टूर्नामेंट में बड़े मैच से पहले दीप्ति शर्मा टीम में हों। दीप्ति समझदारी से गेंदबाजी करती हैं। ’’
हुसैन से पूछा गया कि क्या कोई ऐसी खिलाड़ी है जो अपने प्रदर्शन से हैरान कर सकती हैं तो उन्होंने भारतीय सलामी बल्लेबाज मंधाना का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैंने स्मृति मंधाना का भी जिक्र किया। इसमें हैरान करने वाली बात नहीं है। लेकिन जिन दो खिलाड़ियों का हाल में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है, उनके लिए यह विश्व कप बिल्कुल सही समय पर आया है। क्योंकि एक बार जब आप विश्व कप में खेलते हैं तो कोई यह याद नहीं रखेगा कि द्विपक्षीय श्रृंखला में क्या हुआ था। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोई याद नहीं रखेगा कि दक्षिण अफ़्रीका या ऑस्ट्रेलिया में क्या हुआ था। बस यह देखा जाएगा कि इस विश्व कप में आपने कैसा प्रदर्शन किया। और कुछ खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट में अपना खेल और बेहतर कर लेते हैं। दीप्ति शर्मा बिल्कुल वैसी ही खिलाड़ी हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह इंग्लैंड की परिस्थितियों को बहुत अच्छी तरह जानती हैं क्योंकि वह यहां ‘द हंड्रेड्र’ में खेली हैं और भारत के लिए भी यहां कई मैच खेले हैं। इसलिए वह यहां के हालात से वाकिफ हैं। ’’
हुसैन ने कहा कि भारत की निर्भीक बल्लेबाजी के तरीके से उन्हें कोई चिंता नहीं है, लेकिन उनका गेंदबाजी संयोजन ऐसा है जिस पर ‘थिंक टैंक’ को काफी सोचना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि भारत की बल्लेबाजी में कोई समस्या है। दौरे पर उन्होंने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की है। लेकिन गेंदबाजी के मामले में वे 170 रन का बचाव नहीं कर पाते। या फिर 170-180 रन का पीछा करते हुए थोड़ा दबाव में आ जाते हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘फिनिशर के तौर पर मुझे ऋचा घोष का खेल पसंद है। लेकिन क्षेत्ररक्षण और गेंदबाजी में उनका प्रदर्शन कैसा रहता है, यह अहम होगा। टीम शेफाली (वर्मा) को छठी या पांचवीं गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल करते है या नहीं। गेंदबाजी संयोजन ऐसी चीज है जिसके बारे में वे सबसे ज्यादा सोच रहे होंगे। ’’
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा कि पाकिस्तान को रविवार को भारत के खिलाफ ही नहीं बल्कि दूसरी शीर्ष टीम के खिलाफ भी अपना खेल बेहतर करना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी खेल में भारत और पाकिस्तान के बीच जबरदस्त प्रतिद्वंद्विता होती है। लेकिन हाल के दिनों में पुरुषों और महिलाओं के क्रिकेट में विशेषकर आईसीसी टूर्नामेंट में मुकाबला करीबी नहीं रहा है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन फिर भी यह भारत बनाम पाकिस्तान बड़ा मुकाबला है और यह ऐसा प्रारूप है जिसमें उलटफेर हो सकता है। हमने अभ्यास मैच और उससे पहले भी देखा है कि स्कॉटलैंड, आयरलैंड और नीदरलैंड जैसी टीमें बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रही हैं। ’’
हुसैन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शीर्ष टीम हमेशा की नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी, लेकिन हर टीम के सामने अपनी-अपनी चुनौतियां हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए पिछले दो आईसीसी टूर्नामेंट उनके स्तर के हिसाब से खराब रहे हैं। लेकिन उनकी टीम हर तरह से एक बेहतरीन टीम हैं। लेकिन वे एक मुश्किल ग्रुप में हैं, जिसमें भारत और दक्षिण अफ्रीका भी हैं। ’’
भाषा नमिता मोना
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