विश्व कप फाइनल ‘मेस्सी बनाम यमाल’ की प्रतिद्वंद्विता नहीं : ओलिवर कान

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विश्व कप फाइनल ‘मेस्सी बनाम यमाल’ की प्रतिद्वंद्विता नहीं : ओलिवर कान

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 07:35 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 07:35 PM IST

मुंबई, 17 जुलाई (भाषा) जर्मनी के महान गोलकीपर ओलिवर कान ने इस बात को खारिज कर दिया कि रविवार को होने वाला फीफा विश्व कप फाइनल लियोनल मेस्सी और स्पेन के युवा स्टार लामिन यमाल के बीच प्रतिद्वंद्विता है।

उनका कहना है कि दोनों खिलाड़ी अपने करियर के बिल्कुल अलग-अलग पड़ाव में हैं।

गत चैंपियन अर्जेंटीना की टीम न्यूयॉर्क में होने वाले फाइनल में स्पेन से भिड़ेगी। अर्जेंटीना की नजरें अपने चौथे विश्व कप खिताब और लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने पर होगी।

‘जी5’ के विश्व कप विशेषज्ञ पैनल के सदस्य कान ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इन दोनों खिलाड़ियों के बीच कोई प्रतिद्वंद्विता नहीं है क्योंकि एक खिलाड़ी 40 साल का है और दूसरा 19 साल का। मेस्सी तो यमाल के आदर्श हैं। दोनों बेहद दिलचस्प खिलाड़ी हैं और दोनों एक ही अकादमी से निकले हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘यमाल कई वर्षों से मेस्सी की प्रशंसा करते आए हैं और उन्हीं के जैसा बनना चाहते हैं। यह युवा खिलाड़ी के लिए बेहद खास मौका है। ’’

कान ने कहा, ‘‘यमाल ने दो साल पहले यूरो कप जीता था और अब उनके पास विश्व कप जीतने का मौका है। 19 साल की उम्र में यह बहुत बड़ी उपलब्धि हो सकती है, लेकिन इसके साथ आने वाले दबाव और भविष्य की अपेक्षाओं को संभालना भी आसान नहीं होता। ’’

कान का मानना है कि स्पेन की राष्ट्रीय टीम में यमाल की भूमिका उनके क्लब बार्सीलोना की तुलना में अलग है, इसलिए उनसे अभी और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने इस टूर्नामेंट में अच्छा खेल दिखाया है, लेकिन वह इससे भी बेहतर खेल सकते हैं। बार्सीलोना में उन्हें थोड़ी अधिक आजादी मिलती है जबकि स्पेन के लिए खेलते हुए वह शायद थोड़ा बंधा हुआ महसूस करते हैं। उन्हें एक विशेष भूमिका निभानी पड़ती है। आने वाले वर्षों में उन्हें इसी पर काम करना होगा। ’’

कान ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय टीम में उनके साथ रोड्री जैसे बड़े खिलाड़ी हैं। उन्हें उनका सम्मान करना होगा। ’’

कान ने गोल के सामने मेस्सी की मौजूदगी की तुलना अपने खेल के दिनों से करते हुए कहा, ‘‘अगर मेस्सी को एक मौका मिल जाए तो अक्सर वह गोल में बदल जाता है। जब कोई गोलकीपर मेस्सी को अपने सामने देखता है तो शायद वही भावना होती है जैसी मेरे सामने कई खिलाड़ियों की होती थी। अगर मेस्सी आपके सामने हैं तो उन्हें रोकने की संभावना बहुत कम रह जाती है। ’’

भाषा नमिता मोना

मोना