नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) भारत के विदेशी ट्रैप निशानेबाजी कोच और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता पीटर विल्सन ने कहा कि यह बहुत निराशाजनक बात है कि विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता जोरावर सिंह को जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया है।
विल्सन ने कहा कि कोई भी टीम चाहेगी कि जोरावर की काबिलियत वाला निशानेबाज उनके पास हो। लेकिन उन्होंने कहा कि चयन का फैसला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
जोरावर ने पिछले साल एथेंस में हुई विश्व चैंपियनशिप में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता था और जगरेब में 2006 विश्व चैंपियनशिप में मानवजीत सिंह संधू के स्वर्ण पदक जीतने के बाद पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।
लगभग दो दशकों के बाद उस ऐतिहासिक उपलब्धि के बावजूद जोरावर को भारत की एशियाई खेलों की टीम से बाहर रखा गया है और वह अभी विश्व कप स्पर्धा में ‘जीरो शूटर’ के तौर पर मुकाबला कर रहे हैं जिन्हें चयन में नहीं गिना जाता।
विल्सन ने इटली के लोनाटो के लिए रवाना होने से पहले इंग्लैंड से कहा, ‘‘सच में यह बहुत शर्म की बात है। मुझे लगता है कि एशियाई खेलों के लिए कोई भी उसे टीम में चाहेगा। लेकिन टीम चयन मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। ’’
भाषा नमिता आनन्द
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