किशोरियों का पुलिस ने कराया पोस्‍टमार्टम, विपक्ष ने जांच की मांग की, मुख्‍यमंत्री ने तलब की रिपोर्ट

किशोरियों का पुलिस ने कराया पोस्‍टमार्टम, विपक्ष ने जांच की मांग की, मुख्‍यमंत्री ने तलब की रिपोर्ट

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  • Publish Date - February 18, 2021 / 11:53 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:35 PM IST

उन्‍नाव/ लखनऊ, 18 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के असोहा थाना इलाके के बबुरहा गांव के बाहर बंधे पड़े मिले तीन किशोरियों में से मृत दोनों किशोरियों का पोस्टमार्टम भारी सुरक्षा में डॉक्टरों के तीन सदस्यीय पैनल द्वारा किया गया।

पुलिस ने बृहस्‍पतिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि वीडियोग्राफी के बीच सम्पन्न हुये पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया घायल किशोरी के इलाज को लेकर रीजेंसी हॉस्पिटल कानपुर को पत्र भेजा गया है और कहा गया है घायल किशोरी का इलाज मुख्यमंत्री राहत कोष से कराया जाएगा।

उन्‍नाव में तीन दलित किशोरियों के खेत में बंधे पड़े मिलने और उनमें दो की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विपक्षी समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने इस मामले को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है जबकि मुख्‍यमंत्री ने पूरे मामले की पुलिस मह‍ानिदेशक से रिपोर्ट तलब की है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव की घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक को प्रकरण की पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

सरकारी प्रवक्‍ता के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा है कि अस्पताल में भर्ती पीड़िता का सरकारी व्यय पर बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पीड़िता के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं।

पुलिस के अनुसार असोहा थाना इलाके के बबुरहा गांव में बीती शाम खेतों पर घास लेने गयी तीन दलित किशोरियों के खेत पर संदिग्‍ध अवस्‍था में मिलने के बाद इलाज के लिए सीएचसी ले जाया गया था,जहां चिकित्‍सकों ने कोमल (15) और काजल (14) को मृत घोषित किया था, जबकि तीसरी रोशनी की हालत गंभीर देखकर उन्‍नाव अस्‍पताल ले जाया गया और बाद में कानपुर में रेफर कर दिया गया।

इस घटना को लेकर बहुजन समाज पार्टी की अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने बृह‍स्‍पतिवार को ट़वीट किया ” यूपी के उन्‍नाव जिले में तीन दलित बहनों में से दो की खेत में कल हुई रहस्‍यमय मौत एवं एक की हालत नाजुक होने की घटना अति गंभीर और अति दुखद है। पीडि़त परिवार के प्रति गहरी संवेदना। सरकार से घटना की उच्‍च स्‍तरीय जांच कराने तथा दोषियों को सख्‍त सजा दिलाने की बसपा की मांग।”

समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्‍य सुनील सिंह यादव ने आारोप लगाया है कि उन्‍नाव पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्‍होंने इस घटना की स्‍वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की है।

यादव ने इस मामले में ट्वीट कर आरोप लगाया, ”आज उन्‍नाव में तीन नाबालिग बच्चियों की दुष्‍कर्म और हत्‍या की खबर ने योगी आदित्‍यनाथ की सरकार के महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति पर कालिख पोतने का काम किया है । अपराधियों बलात्‍काारियों की जयकारे लगाकर सत्‍ता का संरक्षण देने वालों के राज में इससे वीभत्‍स व शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।”

कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने भी उन्‍नाव की घटना की न्‍यायिक जांच की मांग की है।

उन्‍नाव पुलिस अधीक्षक आनन्‍द कुलकर्णी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना स्‍थल पर पहले पहुंचने वाले परिवार के सदस्‍यों से पूछताछ की जा रही है।

उन्‍होंने कहा कि मां और भाई के बयानों और घटनास्‍थल पर गये लोगों के बयानों में विरोधाभास है।

उन्‍होंने कहा कि सभी पहलुओं को जांच में शामिल किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी। कुलकर्णी ने दावा किया कि जल्‍द ही मामले का राजफाश हो जाएगा।

भाषा सं आनन्‍द रंजन

रंजन