रायपुर। छत्तीसगढ़ में 18 विधानसभा सीटों के लिए कल होने वाले पहले चरण के चुनाव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खासतौर से बस्तर संभाग में मतदान दलों और मतदान केंद्रों को लेकर सुरक्षा काफी चौकस हैं। सभी 18 जिलों में सुरक्षाबलों की करीब 600 कंपनियां तैनात की गई हैं। 8 जिलों के 18 विधानसभा क्षेत्रों में सोमवार को होने वाले चुनाव में कुल 31 लाख 79 हजार 520 मतदाता वोट डाल सकेंगे। बस्तर संभाग की जिन 12 सीटों पर चुनाव होना है, वहां कुल दो लाख 62 हजार मतदाता वोट डालेंगे। हालांकि 12 नवंबर को ही राजनांदगांव जिले की 6 सीटों के लिए भी मतदान होना है।
लेकिन सुरक्षा बलों का पूरा ध्यान बस्तर पर है। दूरस्थ और दुर्गम इलाकों के लिए पोलिंग पार्टियां दो दिन पहले से ही रवाना हो गई हैं और कल सुबह से वे मतदान केंद्रों तक पहुंचने लगीं। बस्तर के अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में भी कल शाम तक मतदान दल पहुंचने लगे हैं। एहतियात के तौर पर दुर्गम इलाकों के मतदान दलों को तीन दिन पहले मतदान केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। पखांजूर से निर्वाचन अधिकारी निशा नेताम ने कल हरी झंडी दिखाकर मतदान दलों को रवाना किया।
अंतागढ़ विधानसभा के 90 फीसदी मतदान केन्द्र अतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित इलाको में आते हैं, जहां 16 पोलिंग पार्टियां हेलिकॉप्टर से रवाना की गईं। बीजापुर विधानसभा 89 में कुल 245 मतदान केन्द्र हैं जिसमें दो दिनों में अब तक 223 मतदान दलों को मतदान केन्द्रों तक भेजा गया। पिछले डेढ़ हफ्ते में बीजापुर, दंतेवाड़ा व सुकमा में विस्फोट, हत्या और मुठभेड़ की अलग-अलग वारदात कर नक्सली अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में जुटे हुए हैं। नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सुरक्षा बल के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। आपको बता दें कि बस्तर संभाग के 7 जिलों में राज्य के 25 हजार जवान पहले से ही तैनात हैं। जिनमें जिला पुलिस बल, सशस्त्र बल, जिला रिजर्व बल के जवान शामिल हैं। बस्तर संभाग के 7 जिलों में 50 हजार केंद्रीय फोर्स तैनात भी पहले से तैनात हैं। लेकिन चुनाव के लिए 70 हजार अतिरिक्त फोर्स भी बस्तर पहुंच चुकी है।
वेब डेस्क, IBC24