भाजपा विधायक ने रामदेव को भारतीय चिकित्सा प्रणाली का ध्वजवाहक बताया, कुछ चिकित्सकों को ‘राक्षस’ कहा
भाजपा विधायक ने रामदेव को भारतीय चिकित्सा प्रणाली का ध्वजवाहक बताया, कुछ चिकित्सकों को ‘राक्षस’ कहा
बलिया (उप्र), 28 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सुरेंद्र सिंह ने एलोपैथी के बारे में दिये गये कथित बयान को लेकर विवादों में घिरे योग गुरु रामदेव का समर्थन करते हुए उन्हें भारतीय चिकित्सा प्रणाली का ‘ध्वजवाहक’ बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि एलोपैथ के क्षेत्र में कुछ चिकित्सकों ने ‘राक्षस’ का रूप ले लिया है।
जिले के बैरिया क्षेत्र के भाजपा विधायक सिंह ने बृहस्पतिवार को फेसबुक पोस्ट में कहा, ” बाबा रामदेव पर चिकित्सकों द्वारा टिप्पणी करना निंदनीय है। वर्तमान चिकित्सा पद्धति को महंगा बनाकर समाज को लूटने वाले नैतिकता की शिक्षा न दें। आज एलोपैथ के क्षेत्र में 10 रुपये की गोली को 100 रुपये में बेचने वाले लोग सफेद वस्त्रधारी अपराधी हो सकते हैं, वे समाज के हितैषी नहीं हो सकते।”
हालांकि, उन्होंने एलोपैथी और आयुर्वेद दोनों को उपयोगी बताया।
विधायक ने कहा, ”एलोपैथ भी उपयोगी है और आयुर्वेद भी उससे कम नहीं है, यह भाव रखकर समाज में पीड़ित इंसान की सेवा चिकित्सकों को करनी चाहिए।”
उन्होंने अपनी दूसरी पोस्ट में लिखा, ‘’भारतीय चिकित्सा पद्धति के ध्वजवाहक योग गुरु रामदेव जी का मैं हृदय से अभिनंदन करता हूं। उन्होंने आयुर्वेद के माध्यम से स्वस्थ भारत, समर्थ भारत अभियान की शुरुआत की है।”
उल्लेखनीय है कि रामदेव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया था, जिसमें उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल की जा रही कुछ दवाओं पर कथित तौर पर सवाल उठाते हुए और यह कहते हुए सुना गया था, ‘कोविड-19 के लिए एलोपैथिक दवाएं लेने से लाखों लोगों की मौत हुई है।’
हालांकि, बाद में रामदेव ने अपनी टिप्पणी वापस ले ली थी।
उधर, सिंह ने बृहस्पतिवार शाम को बैरिया क्षेत्र के सोनबरसा में संवाददाताओं से कहा, ”एलौपेथ के क्षेत्र में डॉक्टरों ने राक्षस का रूप ले लिया है, मृतक को भी जीवित दिखाकर पैसा लेने की परंपरा चलाई जा रही है। ऐसे चिकित्सकों को राक्षस ही कहा जा सकता है, जो डॉक्टर मरे हुए व्यक्ति को आईसीयू में जीवित बताकर पैसा लेता है, वो राक्षस से कम नहीं हैं। ये पुरातन धर्म के समय के राक्षसों से भी बदतर हैं।”
योग गुरु का बचाव करते हुए सिंह ने कहा कि वह जिस पद्धति को आगे बढ़ा रहे हैं, वह सनातन धर्म की पद्धति है और बाबा रामदेव का तर्क बिल्कुल सही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भी अगर राजनीति से संन्यास लूंगा तो इसी के प्रचार का जिम्मा संभालूंगा।”
इस बीच, बृहस्पतिवार को सिंह यह आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गये थे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी आदेश के बावजूद सरकार द्वारा संचालित गेहूं क्रय केंद्र बंद कर दिया गया है। हालांकि, बृहस्पतिवार को ही देर शाम बैरिया के उपजिलाधिकारी प्रशांत कुमार नायक ने गेहूं क्रय की शुरुआत कराकर उनका धरना समाप्त करा दिया था।
भाषा सं आनन्द मनीषा दिलीप
दिलीप

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