छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विवेक ढांड ने आज यहां मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संभाग के कमिश्नरों, जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षक एवं जिला आबकारी अधिकारियों की बैठक ली. बैठक में उन्होंने सूखा प्रभावित जिलों में सूखा राहत राशि की वितरण व्यवस्था, धान खरीदी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जातियों से संबंधित मात्रात्मक त्रुटि सुधार और अवैध शराब पर प्रतिबंध के संबंध में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की. मुख्य सचिव ने सभी 21 जिलों की 96 तहसीलों के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए 397 करोड़ 28 लाख रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है. उन्होंने कहा कि राजस्व पुस्तक परिपत्र (6-4) के प्रावधानों के अनुसार राहत राशि का वितरण तत्काल शुरू कराया जाए। साथ ही जिन जिलों को और राशि की आवश्यकता है, वे मांग पत्र तत्काल भेजें। उन्होंने कहा कि किसानों को वितरण की जा रही राशि में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए.
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बैठक में उन्होंने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की जातियों में मात्रात्मक त्रुटि सुधार का कार्य अभियान चलाकर किया जाए। यह भी ध्यान रखा जाए कि जाति समूह के मात्रात्मक त्रुटि के कारण जाति प्रमाण पत्र से वंचित सभी लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि अवैध शराब पर पूर्णतः प्रतिबंध हो। अन्य राज्यों से अवैध शराब ना आने पाए। इसके लिए आबकारी एवं पुलिस अधिकारियों की टीम सघन रूप से अभियान चलाए। अवैध शराब बिक्री करने वालों एवं अन्य राज्यों से अवैध शराब लाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। श्री ढांड ने गुड़गांव के एक स्कूल में हुई घटना के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में राज्य के सभी स्कूलों में आपदा प्रबंधन के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उन्होंने जिलों में धान की खरीदी एवं धान की मिलिंग (उठाव) की जानकारी भी ली। बैठक में बताया गया कि अब तक 40 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है एवं 23 लाख मीटरिक टन धान का उठाव मिलर्स द्वारा किया जा चुका है। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री एन.के. खाखा, आबकारी विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग की विशेष सचिव सुश्री रीता शांडिल्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.