रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में चल कार्यवाही में आज सीएम भूपेश बघेल ने विपक्ष के आरोपों को जवाब दिया। कोरोना संक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राज्यों में सिर्फ सिंप्टोमेटिक यानि लक्षण वाले मरीजों की जांच की जा रही है लेकिन हमारे यहां एसिंप्टोमेटिक मरीज की भी जांच की जा रही है ताकि किसी को भी वेंटिलेटर आईसीयू की आवश्यकता के पहले ही ठीक किया जा सके।
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वहीं सीएम ने कहा कि हमेशा परंपरा रही कि कैबिनेट मीटिंग के बाद दो मंत्री बयान देते हैं। लेकिन अपने विभागों के बारे में बोलने के लिए सभी मंत्री स्वतंत्र हैं। कोरोना स्थगन चर्चा पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लगा कि विपक्ष कोरोना पर व्यापक चर्चा करेंगे लेकिन विपक्ष के नेता क्वारंटाइन सेंटर में ही सिमट कर रह गए।
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इसके पहले कोरोना स्थगन प्रस्ताव पर विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि क्वारंटाइन सेंटरों के लिए कलेक्टर भीख मांग रहे हैं। किसी से कूलर,पंखा और किसी से बेड मांग रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने बृजमोहन अग्रवाल के आरोपों पर आपत्ति जताई और कहा कि कलेक्टर जन सहयोग प्राप्त कर रहे हैं। उनके लिए इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। PM मोदी अगर जन सहयोग ले रहे हैं तो क्या वह भी ऐसा कर रहे हैं?
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वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा है कि क्वारंटाइन सेंटर में लोग फांसी लगा लेते हैं, यह केवल छत्तीसगढ में संभव, विश्व में कहीं नहीं। उन्होने सरकार से प्रवासी मजदूरों के खाते में 1000 रुपए डालने की मांग की।