सीएम बघेल ने दीपावली की परंपरा को संजोया, निवास में धान की बाली लगाकर पूरी की रस्म

सीएम बघेल ने दीपावली की परंपरा को संजोया, निवास में धान की बाली लगाकर पूरी की रस्म

सीएम बघेल ने दीपावली की परंपरा को संजोया, निवास में धान की बाली लगाकर पूरी की रस्म
Modified Date: November 29, 2022 / 08:32 pm IST
Published Date: November 13, 2020 8:46 am IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ में दीपावली की सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपने निवास पर धान का झालर बांधने की रस्म पूरी की। बस्तर से लेकर सरगुजा तक इस तरह के झालर आंगनों और द्वारों पर लटकाए जाने की परंपरा है, जिसे पहटा अथवा पिंजरा भी कहा जाता है।

पढ़ें- कोयला गैंग ने कई पॉवर प्लांटों को लगाया करोड़ों का …

दीपावली के दौरान खेतों में जब नयी फसल पककर तैयार हो जाती है, तब ग्रामीण धान की नर्म बालियों से इस तरह के कलात्मक झालर तैयार करतें हैं। इनसे घरों की सजावट कर वे अपने सुख और समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्हें पूजन के लिए आमंत्रित करते हैं।

पढ़ें- चुनाव प्रक्रिया में धांधली का आरोप लोकतंत्र की वैधत…

ऐसा लोक विश्वास है कि उनका यह आमंत्रण उन चिड़ियों के माध्यम से देवी तक पहुंचता है, जो धान के दाने चुगने आंगन और द्वार पर उतरती हैं।

पढ़ें- आयुर्वेद भारत की विरासत, इसके विस्तार में पूरी मानवता की भलाई- प्रध…

इस तरह प्रदेश की लोक-संस्कृति अपनी खुशियों को प्रकृति के साथ बांटती है और उसे सहेजती है।


लेखक के बारे में