रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नकली नोट के बड़े गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। राजेंद्र नगर पुलिस ने रविवार को नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दंपति को गिरफ्तार किया है। उनके फ्लैट से पुलिस ने दो-दो हजार रुपए के 5 करोड़ रुपए के नकली नोट, प्रिंटर, कुछ प्रिंटेड शीट, लैपटॉप, 2 मोबाइल फोन, स्विफ्ट कार और 25 हजार रुपए के असली नोट बरामद किए हैं। पकड़े गए पति पत्नी कंपनियों को सीएसआर फंडिंग के नाम पर ठगी करते थे। पुलिस के पूछताथ में पता चला है कि आरोपी आईएएस परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
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पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बिहार निवासी निखिल कुमार सिंह रायपुर में रजत प्राइम कॉम्प्लेक्स, अमलीडीह राजेंद्र नगर के मकान में रह रहा था। पुलिस को इस बात की सूचना मिली थी कि उसके फ्लैट में करोड़ों रुपए रखे हुए हैं। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर दबिश दी और वहां से निखिल और उसकी पत्नी पूनम अग्रवाल सहित करोड़ों रुपए और अन्य सामान पाया गया। पूछताछ के बाद जानकारी मिली कि बड़ी-बड़ी कंपनियों के सीएसआर की राशि को आरोपी खुद के एनजीओ को मिलने की बात लोगों को बताता था। वे लोगों को यह कहकर झांसा देते थे कि वह इस तरह की फंडिंग उनके एनजीओ के लिए भी करा सकते हैं। अगर उनके पास कोई ऐसी कंपनी है जो सीएसआर में इनकम टैक्स की छूट लेना चाहती है तो उनसे संपर्क कर सकती है।
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आरोपियों ने लोगों को फंसाने के लिए वीडियो भी बना रखा था। जिसमें वे बताते थे कि उन्हें करोड़ों की फंडिंग हुई है और उनके पास पैसे हैं। वे फंडिंग करने के बदले 20 फीसदी कमीशन लेने की बात कहते थे। पुलिस ने बताया कि निखिल पहले दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। कई साल की तैयारी के बाद भी वह सफल नहीं हो सका तो उसने ठगी का रास्ता चुन लिया। निखिल ने रायपुर में पिरारी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से आईसीआईसीआई बैंक के सीएसपी सेंटर की फ्रेंचाइजी भी ले रखी है। यूपीएससी की तैयारी के दौरान ही दिल्ली में निखिल को एक दोस्त के जरिए ठगी के इस गोरखधंधे का आइडिया मिला। इसके बाद उसने बिलासपुर निवासी पूनम अग्रवाल से शादी कर ली और दोनों पति-पत्नी इस गोरखधंधे में लग गए।
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आरोपियों ने पूछताछ में यह भी बताया कि वे अब तक 7 से 8 कंपनियों से इस कार्य के लिए संपर्क कर चुके थे, इसकी भी तस्दीक पुलिस कर रही है। दोनों अन्य राज्यों में भी लोगों से संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे। आरोपियों के विरूद्ध नकली नोट छापने व छापने का सामान उपयोग में लाने के लिए 307/18, धारा 489 में मामला दर्ज कर जेल भेजा गया है। पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया है, पुछताछ में जो इनपुट मिले हैं, पुलिस अब आगे उन पर जांच करेगी। जिन 7-8 कंपनियों की जानकारी मिली है, उनके भी सीएसआर मद को लेकर जांच होगी, निश्चित ही इस मामले में कुछ और भी खुलासे होंगे।