रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे चुनाव आयोग के समक्ष कांग्रेस ने एक चरण में चुनाव कराने की मांग की है,जबकि बीजेपी ने प्रदेश की 90 सीटों पर तीन चरणों में चुनाव कराने की मांग रखी है। राजनीतिक दलों ने अपने सुझावों के अलावा सरकार के खिलाफ शिकायतें भी की।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत और चुनाव आयुक्त के साथ बैठक में राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी मांगें रखी। सुबह करीब एक घंटे तक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा में आयोग ने सभी राजनीतिक दलों के सुझावों को सुना। इस दौरान कांग्रेस ने भाजपा सरकार की कई योजनाओं की शिकायतें भी निर्वाचन आयोग के सामने रखी। कांग्रेस ने स्मार्ट फोन वितरण को लेकर कहा कि मोबाइल में रमन सिंह की तस्वीर है, उस पर आयोग को संज्ञान लेना चाहिये। भाजपा ने तीन चरणों में चुनाव कराने की प्रदेश में मांग की। भाजपा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की परिस्थितियां अलग-अलग है, लिहाजा प्रदेश में अलग-अलग चरणों में मतदान कराया जाना चाहिये। भाजपा ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के लिए 15 दिनों की समय सीमा और बढ़ाने की मांग की है। वहीं दूसरे जगहों पर गए और आये मतदाताओं का भी नाम सूची में जोड़ने और हटाने की मांग की है।
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जोगी कांग्रेस की तरफ से अलग-अलग चैनलों की तरफ से कराये जा रहे चुनावी सर्वे पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। जोगी कांग्रेस का कहना सर्वे किसी राजनीतिक उद्देश्यों के साथ करवाये जा रहे हैं, जिससे किसी एक राजनीतिक दल विशेष को फायदा पहुंचता है। जोगी कांग्रेस ने 9 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। बीएसपी ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है, वहीं आम आदमी पार्टी ने प्रशासन के दुरुपयोग पर रोक लगाने और आयोग पर इसे लेकर सीधा संज्ञान लेने की मांग की। आम आदमी पार्टी ने 5 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
वेब डेस्क IBC24