बलात्कार की कोशिश को विफल करने वाली लड़की ने पुलिस पर लगाया मामले में लापरवाही बरतने का आरोप

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बलात्कार की कोशिश को विफल करने वाली लड़की ने पुलिस पर लगाया मामले में लापरवाही बरतने का आरोप

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  • Publish Date - February 19, 2021 / 07:43 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:28 PM IST

भोपाल, 19 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले महीने बलात्कार की कोशिश को विफल करने वाली 24 वर्षीय महिला ने पुलिस पर उसके मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को उसके सामने नहीं लाया गया और वह नहीं जानती कि वहीं असली मुजरिम है या नहीं।

बलात्कार की कोशिश को विफल करने के दौरान इस महिला की रीढ़ की हड्डी में चोट आई थी।

परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस महिला की मां ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से दो दिन पहले मामले की शिकायत भी की है।

पीड़िता की शिकायत के अनुसार 16 जनवरी की शाम को जब वह कोलार पुलिस थाना इलाके में अपने घर के पास टहल रही थी तभी एक व्यक्ति ने उस पर हमला किया और उसे खींच कर झाड़ियों में ले गया। शिकायत के अनुसार आरोपी ने उसके साथ बलात्कार करने की कोशिश की और उसे जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट आई।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि विरोध करने पर आरोपी ने उसके सिर पर पत्थरों से हमला भी किया, मदद के लिए पुकार लगाने पर एक दंपति उसे बचाने आया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में उसे इस दंपति की मदद से एक अस्पताल ले जाया गया, जहां से पांच दिन पहले उसे छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है।

पीड़िता द्वारा पुलिस पर लापरवाही करने के लिए लगाये गये आरोपों को गलत बताते हुए हबीबगंज इलाके के नगर पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र सिंह ने बताया, ‘‘इस मामले में पहले उसके परिजनों की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भादंवि की धारा 354 (स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354-क (यौन उत्पीड़न) एवं 354-ख के तहत 16 जनवरी को ही मामला दर्ज कर लिया गया था।’’

उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में कारगर कार्रवाई की और आरोपी अनिल बोरकर उर्फ नाना (23) को आठ फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सिंह ने बताया कि इस महिला की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट 18 फरवरी को आई है और उसके बाद हमने 18 फरवरी को ही आरोपी के खिलाफ भादंवि की धारा 376/511 (बलात्कार का प्रयास) एवं 307 (हत्या का प्रयास) भी बढ़ा दी है।

पीड़िता द्वारा आरोपी की पहचान न करवाने के आरोप पर सिंह ने कहा, ‘‘आरोपी की पहचान करने की परेड कानून के अनुसार न्यायिक हिरासत में की जाती है और जल्द ही यह करवाई जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि इस प्रकरण के लिए पुलिस ने जांच दल भी बनाया है।

इसी बीच, शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक समाचार पत्र में छपे समाचार को पोस्ट करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘‘भोपाल रेप पीड़िता एक महीने बाद भी न्याय से कोसों दूर है क्योंकि भाजपा हमेशा पीड़िता को ही रेप का ज़िम्मेदार ठहराती है और कार्रवाई में ढील देती है जिससे अपराधियों का फ़ायदा होता है। यही है सरकार के ‘बेटी बचाओ’ का सच!’’

हालांकि, हबीबगंज इलाके के नगर पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र सिंह ने राहुल गांधी के इस आरोप को निराधार बताया है। सिंह ने कहा, ‘‘इस लड़की से बलात्कार नहीं किया गया है, केवल बलात्कार का प्रयास किया गया है।’’

भाषा रावत

शोभना

शोभना