दंतेवाड़ा। बस्तर में नक्सल अभियान चला रही पुलिस को उस समय एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी जब चोलनार ब्लास्ट में शामिल एक नक्सली ने आत्मसमर्पण कर दिया। यह नक्सली नक्सल नेताओं के लिए खाने-राशन की व्यवस्था करता था।
दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि नक्सली पोदिया उर्फ गांधी बड्डे ने राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित नकसली पिछले कई साल से प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़कर मलांगिर एरिया कमेटी में ग्राम चोलनार इलाके में जनमिलिशिया सदस्य के रूप में काम करता रहा है।
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बता दें कि इसी साल 20 मई को चोलनार मार्ग में नक्सलियों ने पुलिस वाहन को ब्लास्ट कर उड़ा दिया था। इसमें पुलिस के 7 जवान शहीद हो गए थे। आत्मसमर्पित नक्सली पोदिया नक्सली नेताओं के गांव में आने पर गांव में बैठक में ग्रामीणों को बुलाने, नक्सलियों के लिए खाने व्यवस्था करना, दैनिक उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराना था। साथ ही वह नक्सली बैनर, पोस्टर फेंकने, रोड खोदने और पुलिसवालों की रेकी करने का भी काम करता था।
वेब डेस्क, IBC24