नेपाल से सोयाबीन तेल के आयात पर अंकुश लगाने की हुयी मांग

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नेपाल से सोयाबीन तेल के आयात पर अंकुश लगाने की हुयी मांग

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  • Publish Date - June 29, 2021 / 01:51 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:37 PM IST

इंदौर, 29 जून (भाषा) पड़ोसी नेपाल से रिफाइंड सोयाबीन तेल का कथित तौर पर गलत तरीके से शुल्कमुक्त आयात बढ़ने को लेकर सवाल उठाते हुए प्रसंस्करणकर्ताओं के एक संगठन ने सरकार से इस पर अंकुश लगाने की मांग की है।

इंदौर स्थित सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन के अध्यक्ष डेविश जैन ने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें जुलाई 2020 से जून 2021 के बीच भारत द्वारा अलग-अलग देशों से 2,46,376 टन रिफाइंड सोयाबीन तेल आयात करने की खबर मिली जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में इसका आयात महज 95,000 टन रहा था।

पत्र में आरोप लगाया गया, ‘इस खेप का अधिकांश हिस्सा ‘बेईमान’ कारोबारियों ने आयात किया जिन्होंने ओरिजिन (उत्पाद उत्पत्ति का स्थान) के नियमों का उल्लंघन कर गलत तरीके से घोषणा की कि रिफाइंड सोयाबीन तेल नेपाल में बनाया गया था।’

पत्र में दावा किया गया कि नेपाल न तो सोयाबीन उगाता है, न ही वहां सोयाबीन तेल का उत्पादन किया जाता है। सोपा की ओर से कहा गया कि नेपाल से रिफाइंड सोयाबीन तेल के कथित तौर पर गलत तरीके से शुल्कमुक्त आयात से भारत को 1,000 करोड़ रुपये का सालाना राजस्व नुकसान हो रहा है और इससे भारतीय प्रसंस्करणकर्ताओं के हित भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

संगठन ने भारत सरकार से मांग की है कि केवल सार्वजनिक क्षेत्र के किसी उपक्रम को नेपाल से सोयाबीन तेल आयात की अनुमति दी जाए।

गौरतलब है कि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के अल्प विकसित देशों को दी गई रियायत के तहत नेपाल से तेल आयात पर कोई सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) नहीं लगता है। भारत के प्रसंस्करणकर्ता लम्बे समय से आरोप लगा रहे हैं कि इस रियायत का गलत फायदा उठाकर नेपाल से शून्य सीमा शुल्क पर पाम और सोयाबीन के तेलों का धड़ल्ले से आयात किया जा रहा है।

भारत अपनी घरेलू खाद्य तेल जरूरत का करीब 60 फीसदी आयात से पूरा करता है। भाषा हर्ष अविनाश

अविनाश